उत्तराखंड में कहर बरपा रही बारिश: नदियां उफान पर, होटल बहा, कई मजदूर लापता
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शनिवार रात से बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्गों पर जारी तेज बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
उत्तरकाशी: बादल फटने से निर्माणाधीन होटल बहा
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री मार्ग पर सिलाई बैंड के पास बादल फटने की घटना हुई, जिसमें बड़कोट-यमुनोत्री रोड किनारे बना एक निर्माणाधीन होटल तेज बहाव में बह गया। बताया जा रहा है कि इस हादसे में 8 से 9 मजदूर लापता हैं। SDRF, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से रास्ता अवरुद्ध हो गया है, जिसे खोलने का काम जारी है।
रुद्रप्रयाग: संगम घाट जलमग्न, शिव प्रतिमा डूबी
रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी और अलकनंदा के संगम स्थल पर भी स्थिति भयावह है। संगम घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और भगवान शिव की 15 फीट ऊंची प्रतिमा पानी में डूब गई है। नारद शिला भी पानी के भीतर समा गई है।
कुथनौर और डबरकोट में नुकसान
कुथनौर में बादल फटने और भारी बारिश से स्थानीय ग्रामीणों की कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। हालांकि यहां किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। डबरकोट क्षेत्र में मलबा आने से सड़क अवरुद्ध हो गई है, जबकि स्यानचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
कुमाऊं में भी हालात चिंताजनक, सरयू नदी विकराल
कुमाऊं मंडल के बागेश्वर में सरयू नदी विकराल रूप में आ चुकी है। घाट पानी में डूब गए हैं और नदी का जलस्तर 868.60 मीटर तक पहुंच चुका है, जो खतरे के स्तर 870.70 मीटर के बेहद करीब है। कपकोट से बागेश्वर तक कई स्थानों पर भारी नुकसान की खबरें हैं।
चमोली में संपर्क मार्ग बाधित
चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन से कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। बद्रीनाथ हाईवे नंदप्रयाग और कामेदा के पास बंद है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। राज्य सरकार और आपदा राहत एजेंसियां सतर्क हैं, लेकिन हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं।
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