विदेश मंत्रालय ने बुधवार को संसद की स्थायी समिति को जानकारी दी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच लगभग 1,000 भारतीय अब भी ईरान में फंसे हुए हैं। हालांकि जरूरी नहीं कि इनमें सभी देश छोड़ना चाह रहे हों।
खाड़ी क्षेत्र के छात्र प्रभावित
खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग 23,000 कक्षा 10 और 12 के छात्र अशांति के कारण सीबीएसई की अंतिम परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सके। विदेश मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के बीच पहले ही इस बात पर विचार-विमर्श हो चुका है कि ऐसे छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
स्थायी समिति की बैठक
विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और इसके प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की। सदस्यों ने भारतीय नागरिकों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा, साथ ही तेल और गैस आपूर्ति से जुड़े प्रश्न पूछे और अपनी चिंताएं साझा कीं।
समिति अध्यक्ष का बयान
कांग्रेस सांसद और समिति अध्यक्ष शशि थरूर ने कहा कि प्रवासी भारतीय समुदाय के कल्याण को प्रभावित करने वाले सभी मुद्दों पर विचार किया गया। उन्होंने बताया कि मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास लगातार कर रहा है और छात्रों के लिए भी वैकल्पिक परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर काम जारी है।
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