ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर खाड़ी क्षेत्र के दौरे पर जा रहे हैं, जहां वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और क्षेत्रीय तनाव कम करने के प्रयासों पर अहम चर्चा करेंगे।
इस दौरे के दौरान उनका फोकस अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष-विराम को समर्थन देने और उसे बनाए रखने पर रहेगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट के मुताबिक, इस दौरे का मकसद क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता तलाशना और वैश्विक अर्थव्यवस्था को संभावित खतरों से सुरक्षित करना है। स्टार्मर ने हाल ही में हुए संघर्ष-विराम का स्वागत करते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए राहत का क्षण है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस संघर्ष-विराम को मजबूत करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। करीब छह हफ्ते चले सैन्य तनाव के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के संघर्ष-विराम की घोषणा की थी।
स्टार्मर का यह तीन दिवसीय दौरा उस अंतरराष्ट्रीय पहल के बाद हो रहा है, जिसमें ब्रिटेन ने पिछले सप्ताह भारत सहित 40 से अधिक देशों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक का उद्देश्य संघर्ष समाप्ति के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ठोस योजना तैयार करना था। अब संघर्ष-विराम के बाद इस दिशा में प्रयास और तेज होने की उम्मीद है।
इस बीच, दुनिया के कई देशों और संगठनों ने इस संघर्ष-विराम का स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से दीर्घकालिक शांति की दिशा में काम करने की अपील की है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी इस कदम को सकारात्मक बताते हुए क्षेत्र में स्थायी शांति की उम्मीद जताई है।
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