आंधी, ओलावृष्टि और बारिश से पहाड़ों पर कहर, हिमाचल-उत्तराखंड में भारी तबाही

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पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई है।

तेज आंधी, मूसलधार बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में मकानों और स्कूलों की छतें उड़ गईं, पेड़ और बिजली के खंभे गिर पड़े, जबकि बिजली गिरने से लोगों और पशुधन की मौत की खबरें सामने आई हैं।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक मौसम और खराब रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से 15 मई तक पर्वतीय और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी का सिलसिला जारी रह सकता है।

हिमाचल प्रदेश में रविवार रात करीब 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी ने कई जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया। मंडी, कुल्लू, ऊना, हमीरपुर, चंबा, शिमला और कांगड़ा में मकानों, स्कूलों और पशुशालाओं को क्षति पहुंची। मंडी जिले में सबसे अधिक 70 मकान प्रभावित हुए, जबकि खेतों में रखी गेहूं की फसल और सेब समेत अन्य बागवानी फसलों को भी नुकसान हुआ।

कुल्लू के नग्गर क्षेत्र में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। वहीं शिला नाला क्षेत्र में 40 भेड़-बकरियों की भी मौत हो गई। खराब मौसम के कारण 2000 से अधिक ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। प्रदेश में 36 सड़कों पर यातायात रोकना पड़ा।

उत्तराखंड में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। देहरादून, मसूरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए अगले 48 घंटों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

केदारनाथ धाम क्षेत्र में घने कोहरे और खराब दृश्यता के कारण दो हेलीकॉप्टरों को अगस्त्यमुनि हेलीपैड पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। मौसम साफ होने के बाद उड़ान सेवाएं फिर शुरू की गईं।

जम्मू-कश्मीर में भी तेज हवाओं और बारिश से व्यापक नुकसान हुआ। सांबा जिले के पंगधोर गांव में बीएसएनएल का मोबाइल टावर एक मकान पर गिर गया, जिससे घर के कमरे क्षतिग्रस्त हो गए। कठुआ जिले में 250 बिजली के खंभे और नौ ट्रांसफार्मर खराब हो गए। गांदरबल में बिजली गिरने से 90 भेड़ों की मौत हो गई।

खराब मौसम के चलते कई जिलों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही और करीब 70 सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों में न रुकने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

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