शिवसेना संकट के बीच संजय राउत का बड़ा बयान, बागियों पर साधा निशाना

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शिवसेना में संभावित टूट की अटकलों के बीच संजय राउत का विवादित बयान, बागी नेताओं पर साधा निशाना

उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) में नेताओं के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं के बीच राज्यसभा सांसद संजय राउत का एक बयान विवादों में आ गया। मीडिया से बातचीत के दौरान राउत ने कथित बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला और उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनकी टिप्पणी को संपादित या सेंसर न किया जाए।

बागी नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

राउत ने पार्टी छोड़ने की चर्चा में शामिल नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें बेईमान और गद्दार बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के व्यवहार से लगता है कि बेईमानी उनके स्वभाव का हिस्सा बन चुकी है। राउत ने आरोप लगाया कि कुछ लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए पार्टी और विचारधारा से समझौता कर रहे हैं।

भाषा को लेकर नहीं जताया अफसोस

अपनी टिप्पणी पर उठे सवालों के जवाब में राउत ने कहा कि उन्हें अपने शब्दों के इस्तेमाल पर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना था कि राजनीति में कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जहां लोगों को उसी भाषा में जवाब देना पड़ता है जिसे वे समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कथित तौर पर धन या अन्य लाभ के लिए पार्टी छोड़ते हैं, उनके प्रति नरम रवैया नहीं अपनाया जा सकता।

पार्टी नेताओं ने किया बचाव

राउत की टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने उनका बचाव किया। राज्यसभा सांसद अनिल देसाई ने कहा कि राउत की बातें भावनात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर देखी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाने का उद्देश्य नहीं था और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण ऐसी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

विरोधियों ने साधा निशाना

विपक्षी दलों और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने राउत की भाषा की आलोचना की। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह की भाषा उचित नहीं मानी जा सकती। उन्होंने दावा किया कि नेताओं और कार्यकर्ताओं के असंतोष की वजह से ही पार्टी के भीतर ऐसी स्थिति पैदा हुई है।

वहीं, शिवसेना नेता संजय निरुपम ने भी राउत पर हमला बोलते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां पार्टी नेतृत्व की विफलता को दर्शाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल राजनीतिक एजेंडे से भटक गई है, जिसके कारण संगठन के भीतर नाराजगी बढ़ी है।

कांग्रेस ने बताया भावनात्मक प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, सहयोगी दल कांग्रेस ने राउत के बयान को भावनात्मक प्रतिक्रिया करार दिया। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि जिन परिस्थितियों से शिवसेना (यूबीटी) गुजरी है, उन्हें देखते हुए राउत की नाराजगी समझी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने विवादित भाषा पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया।

पार्टी के भीतर संभावित टूट और नेताओं के रुख को लेकर जारी अटकलों के बीच राउत का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

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