मुंबई और उससे सटे इलाकों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी।
कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और मकान गिरने की घटनाएं सामने आईं, जबकि सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने रविवार के लिए भी मुंबई, ठाणे, पालघर और आसपास के जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
शनिवार को इस मानसून सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी किया गया था। सबसे अधिक 246.6 मिमी बारिश विक्रोली में दर्ज की गई। वहीं, भांडुप पश्चिम में एलबीएस मार्ग स्थित एक निर्माण स्थल पर करीब 100 फीट लंबा भूस्खलन हुआ, जिसमें एक ट्रक और कई पेड़ मलबे में दब गए। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके मद्देनजर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। ठाणे, पालघर और आसपास के कई इलाकों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश के बीच गोवंडी में एक ग्राउंड प्लस वन मकान ढह गया, जिसमें एक पुरुष और एक महिला घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इसके अलावा शहर में मकान और दीवार गिरने की कई अन्य घटनाएं भी दर्ज की गईं। मिनाताई फूल बाजार में एक बड़ा पेड़ गिरने से भी नुकसान हुआ।
मूसलाधार बारिश के कारण साकीनाका, कुर्ला, अशोक नगर, छेड़ा नगर, पवई, भांडुप, अंधेरी, विले पार्ले, सांताक्रूज और दहिसर समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर रेल और मेट्रो सेवाओं पर भी देखने को मिला। नालासोपारा और वसई के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से पश्चिमी रेलवे की कई लोकल ट्रेनें 20 से 25 मिनट की देरी से चलीं। वहीं, ओवरहेड तार में तकनीकी खराबी के कारण मुंबई मेट्रो लाइन-2ए की सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित रहीं। जलभराव के चलते बीईएसटी ने भी कई बसों के रूट में अस्थायी बदलाव किया है।
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