खामेनेई की अंतिम विदाई में उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब, ‘बदला-बदला’ के नारों से गूंजा तेहरान [Change Headline]

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ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए शनिवार को तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। राजधानी के इमाम खोमैनी ग्रैंड मोसल्ला परिसर में लाखों लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

काले कपड़ों में पहुंचे पुरुष, महिलाएं और बच्चे मातम मनाते, धार्मिक नारे लगाते और खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित करते दिखाई दिए।

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, ग्रैंड मोसल्ला परिसर में खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के ताबूत शीशे के विशेष कक्ष में अंतिम दर्शन के लिए रखे गए हैं। शुक्रवार को विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने श्रद्धांजलि दी थी, जबकि शनिवार को आम लोगों के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि सप्ताहभर चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसे 1989 में अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार के बाद देश का सबसे बड़ा शोक समारोह बताया जा रहा है।

भीड़ को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लोगों को मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच स्वयंसेवक श्रद्धालुओं के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। शहरभर में खामेनेई के पोस्टर लगाए गए हैं, जबकि कई स्थानों पर अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे भी सुनाई दिए।

सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम संस्कार से जुड़े आयोजन कई शहरों में होंगे और 9 जुलाई को खामेनेई को उनके गृह नगर मशहद में इमाम रजा दरगाह के निकट सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इससे पहले तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला और मशहद में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।

इस बीच, क्षेत्रीय तनाव भी बरकरार है। ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी बाहरी सैन्य मौजूदगी का विरोध किया है। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने फ्रांस और ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा तटीय देशों की जिम्मेदारी है और बाहरी हस्तक्षेप के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। दूसरी ओर, शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार ओमान के तट के पास फारस की खाड़ी से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे कई जहाज बीच रास्ते से लौट गए, हालांकि इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने भी कहा कि हालिया संघर्ष के बाद क्षेत्र की परिस्थितियां बदल चुकी हैं और अमेरिका को नई वास्तविकताओं को स्वीकार करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में क्षेत्रीय स्थिरता और प्रतिबंधों में ढील को लेकर सकारात्मक माहौल बन सकता है।

ग्रैंड मोसल्ला में रखे गए ताबूतों में खामेनेई की 14 महीने की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी का छोटा ताबूत भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अंतिम संस्कार के दौरान एक सप्ताह तक कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया। ट्रंप के इस बयान पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

इसी बीच, जर्मन मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अंतिम संस्कार के दौरान अत्यधिक भीड़ को देखते हुए ईरान ने आपातकालीन तैयारियां तेज कर दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं और तेहरान के ‘बेहिश्त-ए-जहरा’ कब्रिस्तान में अतिरिक्त कब्रों की भी तैयारी की गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

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