SIR का बड़ा असर: 4 राज्यों की मतदाता सूची से 22 लाख नाम हटे, सियासत गरमाई

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SIR का बड़ा असर: 4 राज्यों की नई मतदाता सूची से 22 लाख नाम हटे, विपक्ष ने उठाए सवाल

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मिजोरम, ओडिशा, मणिपुर और सिक्किम की मसौदा मतदाता सूचियों से करीब 22 लाख नाम हटाए गए हैं। चारों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पुनरीक्षण से पहले इन राज्यों में कुल 3.68 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर लगभग 3.46 करोड़ रह गए हैं।

सबसे अधिक असर ओडिशा में देखने को मिला, जहां अकेले 20.11 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से बाहर हुए हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं, उन्हें दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज़ जमा कर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का अवसर मिलेगा।

मिजोरम, ओडिशा, मणिपुर और सिक्किम उन 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हैं, जहां चरणबद्ध तरीके से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत 14 मई को हुई थी। उस समय इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 36.73 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे।

SIR प्रक्रिया पहले भी राजनीतिक विवाद का विषय बन चुकी है। बिहार में पुनरीक्षण की तैयारियों के दौरान निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने दावा किया था कि सत्यापन के दौरान बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार के कुछ नागरिक मिले हैं, जो मतदाता सूची में शामिल होने के पात्र नहीं थे। हालांकि, आयोग ने ऐसे मामलों की संख्या या उनसे जुड़े कोई विस्तृत प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए।

इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल लगातार निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR अभियान का इस्तेमाल चुनिंदा मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। वहीं, निर्वाचन आयोग का कहना है कि विशेष पुनरीक्षण का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अद्यतन, त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना है, ताकि केवल पात्र नागरिकों के नाम ही सूची में बने रहें।

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