अमेरिका-ईरान तनाव थमते ही तेल हुआ सस्ता, 5% तक लुढ़की क्रूड की कीमत

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अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी से तेल सस्ता, क्रूड ऑयल 5% तक टूटा; बाजार को मिली राहत

अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताहांत में किसी नए सैन्य हमले की खबर नहीं आने के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ सकते हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पर मंडरा रहा खतरा कम होगा।

ब्रेंट और WTI दोनों में बड़ी गिरावट

कारोबार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.37 डॉलर (करीब 4.5%) गिरकर 92.41 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 4.30 डॉलर (करीब 4.8%) टूटकर 85.01 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

सितंबर डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट में गिरावट और भी ज्यादा रही। ब्रेंट सितंबर वायदा 4.9 प्रतिशत गिरकर 92.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI सितंबर वायदा 5.6 प्रतिशत टूटकर 84.34 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचे दाम

लगातार तीन सप्ताह तक तेजी रहने के बाद दोनों प्रमुख बेंचमार्क क्रूड अब एक सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं। इससे पहले पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो मई के बाद का उच्चतम स्तर था।

तनाव में ठहराव से बाजार को राहत

विश्लेषकों के अनुसार, पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच फारस की खाड़ी में कोई नया सैन्य हमला नहीं हुआ। दो सप्ताह तक लगातार तनाव रहने के बाद इस ठहराव ने बाजार की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया है।

अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित 14-सूत्रीय समझौते पर प्रगति होती है और होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति सामान्य रहती है, तो तेल बाजार में और स्थिरता आ सकती है।

शिपिंग अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं

तनाव में कमी के बावजूद तेल परिवहन अभी सामान्य नहीं हुआ है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, सप्ताहांत के दौरान प्रतिदिन 10 से कम तेल टैंकर ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। वहीं, लाल सागर में यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से भी जहाजों की आवाजाही प्रभावित रही।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सीधा असर डालता है। फिलहाल कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत जरूर मिली है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण अनिश्चितता अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

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