सलमान रुश्दी पर हमला करने वाला हादी मतार आतंकवाद के आरोप में भी दोषी, हिजबुल्लाह से जुड़े तार
भारतीय मूल के मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला करने वाले अमेरिकी नागरिक हादी मतार को अब आतंकवाद से जुड़े संघीय मामलों में भी दोषी ठहराया गया है। न्यूयॉर्क की एक संघीय जूरी ने बुधवार को उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को समर्थन देने और अमेरिकी प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को सहायता उपलब्ध कराने के आरोपों में दोषी करार दिया।
हिजबुल्लाह को अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। हादी मतार पहले ही सलमान रुश्दी की हत्या के प्रयास के मामले में 25 साल की जेल की सजा काट रहा है। अब नए संघीय आतंकवाद संबंधी आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद उसे उम्रकैद की सजा भी हो सकती है।
अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, हादी मतार 1989 में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता की ओर से सलमान रुश्दी के खिलाफ जारी फतवे से प्रेरित था। सरकारी वकीलों ने यह भी कहा कि वह 2006 में हिजबुल्लाह के एक पूर्व नेता के उस भाषण से भी प्रभावित हुआ था, जिसमें फतवे को लागू करने की अपील की गई थी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने हमले को आतंकवाद से जुड़ा अपराध बताया।
15 बार चाकू से किया हमला
मुकदमे के दौरान सलमान रुश्दी ने अदालत में गवाही देते हुए बताया कि अगस्त 2022 में उन पर 15 बार चाकू से हमला किया गया था। इस हमले में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई और उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने अपनी जान बचाने में मदद करने वाले मौके पर मौजूद एक फायरफाइटर का भी आभार जताया।
बचाव पक्ष की दलील खारिज
हादी मतार के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि यह हमला आतंकवादी कार्रवाई नहीं था। हालांकि, जूरी ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और उसे दोनों संघीय आतंकवाद संबंधी आरोपों में दोषी करार दिया। अब पहले से चल रही 25 साल की सजा के अलावा नए आरोपों में भी उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जा सकती है।
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