ईरान युद्ध के बीच अमेरिका की 58.6 अरब डॉलर की मेगा डील, पैट्रियट मिसाइलों का बढ़ाएगा भंडार

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पैट्रियट मिसाइलों के लिए अमेरिका की 58.6 अरब डॉलर की मेगा डील, एयर डिफेंस मजबूत करने पर बड़ा दांव

अमेरिका ने रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ 58.6 अरब डॉलर (करीब 5 लाख करोड़ रुपये) का बड़ा अनुबंध किया है। यह समझौता पैट्रियट एडवांस्ड कैपेबिलिटी-3 मिसाइल सेगमेंट (PAC-3 MSE) इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन और आपूर्ति के लिए किया गया है। इसे अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के सबसे बड़े एयर डिफेंस सौदों में से एक माना जा रहा है।

ईरान के साथ हालिया सैन्य तनाव और यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता दिए जाने के कारण अमेरिकी मिसाइल भंडार पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में यह समझौता अमेरिका की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

यह नया अनुबंध पहले के 4.7 अरब डॉलर के एक वर्षीय समझौते का विस्तार है, जिसे अब वित्तीय वर्ष 2026 से 2032 तक के सात वर्षीय फ्रेमवर्क में बदल दिया गया है। इसके तहत PAC-3 MSE इंटरसेप्टर मिसाइलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा।

मिसाइल भंडार को लेकर बढ़ी चिंता

सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुसार, अमेरिकी सेना के पास फिलहाल 1,000 से कम पैट्रियट इंटरसेप्टर और 250 से कम THAAD इंटरसेप्टर मौजूद हैं। हाल के संघर्षों और यूक्रेन को सैन्य सहायता के कारण इनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ है, जिससे भंडार में कमी की चिंता बढ़ी है।

रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी मिसाइल हमलों के दौरान अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव देखने को मिला, जिसके बाद इंटरसेप्टर मिसाइलों की उपलब्धता को लेकर रणनीतिक स्तर पर चिंताएं बढ़ गईं। इसी पृष्ठभूमि में रक्षा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

उत्पादन क्षमता होगी तीन गुना

ट्रंप प्रशासन रक्षा कंपनियों पर हथियारों का उत्पादन तेज करने का दबाव बना रहा है। लॉकहीड मार्टिन ने 2030 तक PAC-3 MSE मिसाइलों का उत्पादन मौजूदा स्तर से तीन गुना करने की योजना बनाई है।

कंपनी ने बताया कि उसके अरकांसस स्थित संयंत्र में रोजगार 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाया जाएगा। साथ ही 2030 तक 80 से 90 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई गई है, जिसके तहत अमेरिका में स्थित 20 से अधिक उत्पादन संयंत्रों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

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