राज्यसभा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
इस विधेयक के तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी जाएगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की कुल न्यायाधीश क्षमता 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी।
सरकार का कहना है कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे, बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने और न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है।
विधेयक के राज्यसभा से पारित होने के बाद अब इसे आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लागू किया जाएगा। कानून लागू होने पर सुप्रीम कोर्ट में चार अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की मांग लंबे समय से लंबित मामलों और लगातार बढ़ते न्यायिक कार्यभार को देखते हुए उठाई जाती रही है। सरकार का मानना है कि इस कदम से शीर्ष अदालत की कार्यक्षमता बढ़ेगी और मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
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