चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है।
रविवार शाम खतरे के निशान 126.500 मीटर से 85 सेंटीमीटर नीचे पहुंचने के बाद नदी का पानी सोमवार सुबह फिर चढ़ने लगा। सुबह साढ़े पांच बजे जलस्तर 128.900 मीटर दर्ज किया गया। करीब हर आधे घंटे में जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ रहा है।
मंदाकिनी के बढ़ते पानी को देखते हुए रामघाट और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की गई है।
इससे पहले शनिवार को मंदाकिनी ने 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। नदी का जलस्तर 135.200 मीटर तक पहुंच गया था, जिससे चित्रकूट में भीषण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। बाढ़ ने रामघाट समेत आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई।
40 गांव और बस्तियां प्रभावित
भीषण बाढ़ का असर सिर्फ रामघाट तक सीमित नहीं रहा। चित्रकूट के करीब 84 कोस क्षेत्र में बाढ़ का प्रभाव देखा गया और लगभग 40 गांवों व बस्तियों में जनजीवन प्रभावित हुआ।
करीब पांच हजार लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए वायुसेना के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई थीं। राहत और बचाव अभियान के बाद अब प्रशासन प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने में जुटा है।
प्रभावित भवनों और धार्मिक स्थलों की तलाशी
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित भवनों और धार्मिक स्थलों में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है। टीमों को आशंका है कि बाढ़ के दौरान कुछ लोग इन स्थानों पर फंस गए होंगे। मंदाकिनी का जलस्तर दोबारा बढ़ने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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