सूरत के गोडावदी गांव में 24 वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियर निधि पटेल की रहस्यमयी हत्या को एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस और एसआईटी अब तक हत्यारे तक नहीं पहुंच सकी है।
मामले की जांच के लिए करीब 60 पुलिसकर्मियों की टीम जुटी हुई है, जो अलग-अलग एंगल से सुराग तलाश रही है।
घर में अकेली थी निधि, छत पर मिली लाश
घटना 24 अगस्त की है। निधि पटेल उस वक्त घर में अकेली थीं। उनके माता-पिता कुछ दिनों के लिए तीर्थयात्रा पर गए हुए थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। यात्रा से लौटने पर माता-पिता को निधि का शव घर की छत पर मिला।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि निधि की गला घोंटकर हत्या की गई थी। कथित तौर पर मोबाइल चार्जर केबल और शॉर्ट्स की डोरी का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि दम घोंटने के लिए प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
न जबरन घुसने के निशान, न मिला कोई साफ सुराग
मामले में सबसे बड़ा सवाल घर में हत्यारे के दाखिल होने को लेकर है। पुलिस को घर के किसी ताले के टूटने या जबरन प्रवेश के निशान नहीं मिले। सामने का दरवाजा अंदर से बंद था, जबकि पिछला दरवाजा खुला मिला।
इन परिस्थितियों ने पुलिस के शक को किसी परिचित व्यक्ति की ओर बढ़ाया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात से पहले निधि के घर कौन-कौन आया था और क्या उसने किसी परिचित के लिए खुद दरवाजा खोला था।
यौन उत्पीड़न की कोशिश का भी शक
पुलिस को निधि के शरीर और निजी अंगों के आसपास चोट के निशान मिले हैं। इन्हीं के आधार पर हत्या से पहले यौन उत्पीड़न या उसकी कोशिश की आशंका जताई जा रही है। इस एंगल को भी जांच में शामिल किया गया है।
60 पुलिसकर्मी जुटे, मोबाइल और कॉल डिटेल्स खंगाली जा रहीं
मांडवी पुलिस की शुरुआती जांच में ठोस सफलता नहीं मिलने के बाद सूरत के एसपी राजेश गढ़िया ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। मांडवी डिवीजन के एएसपी अक्षेश इंजीनियर को टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
करीब 60 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मामले की जांच में जुटे हैं। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। निधि के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और हालिया बातचीत की जांच की जा रही है। इसके अलावा आसपास के लोगों से पूछताछ और संभावित संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल भी की जा रही है।
हालांकि, वारदात के एक सप्ताह से ज्यादा समय बाद भी पुलिस के हाथ ऐसा कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, जिससे हत्यारे तक सीधे पहुंचा जा सके। ऐसे में बंद घर, खुला पिछला दरवाजा और हत्या के तरीके से जुड़े सवाल इस मामले की गुत्थी को और उलझा रहे हैं।
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