नेपाल त्रासदी: 583 पर्यटक अब भी लापता, 315 को बचाया गया; पर्यटन बोर्ड ने जारी की जानकारी

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नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बाद विभिन्न देशों के लापता पर्यटकों की तलाश और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान जारी है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से सोमवार शाम 6 बजे तक जारी अपडेट के मुताबिक 12 देशों के कुल 583 पर्यटकों के लापता होने की जानकारी है। वहीं, 315 पर्यटकों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाल लिया गया है।

बोर्ड के अनुसार तीन देशों के पांच पर्यटक नेपाल सरकार की एजेंसियों के संपर्क में भी आ गए हैं। राहत और बचाव दल उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं।

शवों की पहचान के लिए DNA सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश

जलप्रलय में मारे गए नेपाल और अन्य देशों के नागरिकों की पहचान को लेकर सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। नेपाली गृह मंत्रालय ने सभी अज्ञात शवों के DNA जांच के लिए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने अज्ञात और लावारिस शवों के प्रबंधन से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। नए प्रावधानों में शवों के अस्थायी प्रबंधन, DNA सैंपल सुरक्षित रखने और शरीर के अलग-अलग अंगों को भी शव की परिभाषा में शामिल करने की व्यवस्था की गई है।

आपदा में मारे गए लोगों की पहचान और शवों के प्रबंधन के लिए संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।

गंडक नदी में मिले 118 शव, 50 मानव अंग

रसुवा में आई जलप्रलय के बाद त्रिशूली नदी के रास्ते बहकर गंडक नदी तक पहुंचे 118 शव और मानव शरीर के 50 अंग पश्चिम नवलपरासी जिले के सुस्ता में रखे गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश से बरामद तीन महिलाओं और एक पुरुष का शव भी शामिल है।

नेपाल पुलिस के मुताबिक बरामद शवों में 33 महिलाएं, 72 पुरुष और 13 बच्चे हैं। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण अधिकांश शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

लगातार शव मिलने के कारण उन्हें सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी चुनौती बनती जा रही है। DNA जांच और अन्य माध्यमों से मृतकों की पहचान करना नेपाल पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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