दुर्गा पूजा को लेकर झारखंड पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सोमवार को सभी जिलों के एसएसपी-एसपी, रेंज डीआईजी और जोनल आईजी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। उन्होंने पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए।
डीजीपी ने सभी लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पूजा समितियों के पंडालों का सत्यापन करने को कहा है। संवेदनशील पंडालों की पहचान कर वहां लगातार निगरानी रखने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा नियंत्रण कक्ष
त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक जिले के नियंत्रण कक्ष में दिन-रात पुलिस पदाधिकारी और बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। बलों के मोबिलाइजेशन के दौरान जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारी की नियुक्ति और किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा डीजीपी नियंत्रण कक्ष को देने का निर्देश दिया गया है।
डीजीपी ने सांप्रदायिक तनाव से जुड़े पुराने मामलों, लंबित वारंट और कुर्की की कार्रवाई को आगे बढ़ाने के साथ अवैध मादक पदार्थों और शराब के खिलाफ छापेमारी तेज करने को कहा। संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां लगातार गोपनीय सूचनाएं जुटाने के निर्देश भी दिए गए।
पंडालों में CCTV और ड्रोन से निगरानी
पुलिस अधिकारियों को पूजा पंडालों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया है। पंडालों में पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी तैनात किए जाएंगे। तैनात पुलिसकर्मियों को वायरलेस सेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पंडालों में पर्याप्त रोशनी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था के साथ ड्रोन के जरिए निगरानी करने को कहा गया है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी की व्यवस्था तथा भीड़ वाले पंडालों में आपातकालीन निकास मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ जरूरी हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक करने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार वालेंटियर या पुलिस-मित्र की मदद लेने का भी निर्देश दिया गया है।
ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर जोर
पूजा स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा गया है। जिलों में तैनात पुलिस बल को दंगा-रोधी संसाधनों से लैस रखने और क्यूआरटी को तैयार एवं सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं।
छेड़खानी, चोरी और छिनतई जैसे अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। डांडिया और अन्य नृत्य कार्यक्रमों में महिलाओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर
डीजीपी ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाहों के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर विशेष निगरानी रखने को कहा है। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पूजा के नाम पर होने वाली अवैध चंदा वसूली की पहचान कर उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अलावा पुलिस बल के लिए भोजन, पानी और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
विसर्जन जुलूस के मार्गों का होगा सत्यापन
डीजीपी ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तारीख और जुलूस के मार्गों का पहले से सत्यापन करने को कहा है। जुलूस मार्ग में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों और विवादित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात किए जाएंगे।
विसर्जन घाटों और नदियों पर गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ जुलूस की वीडियोग्राफी और ड्रोन सर्विलांस के निर्देश दिए गए हैं। साउंड सिस्टम पर उत्तेजक गानों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने और विसर्जन स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रखने को कहा गया है। डीजे के संबंध में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विजयादशमी के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के साथ भगदड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने को कहा गया है।
बैठक में एडीजी अभियान टी. कंदसामी, एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक, आईजी विशेष शाखा प्रभात कुमार, आईजी मानवाधिकार पंकज कंबोज, आईजी प्रोविजन पटेल मयूर कन्हैयालाल, डीआईजी विशेष शाखा चौथे मनोज रतन और एसपी अभियान दीपक कुमार शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी और जिलों के एसपी भी बैठक से जुड़े।
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