फ्रांस के कई शहरों में फैला छात्रों का उग्र आंदोलन अब पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
लगातार हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के बीच हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। पेरिस के पुलिस प्रमुख ने शनिवार को खुद स्वीकार किया कि आंदोलन अब नियंत्रण से बाहर हो चुका है।
पुलिस प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हिंसा और अराजकता पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो प्रशासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
शुक्रवार को भी देश के कई हिस्सों में दंगा पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झड़पें होती रहीं। कई स्थानों पर छात्रों ने आगजनी और तोड़फोड़ की। छात्र संगठनों ने अब शिक्षकों से भी आंदोलन में शामिल होकर हड़ताल करने का आह्वान किया है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण होने की आशंका है।
सोमवार से अब तक हिंसा और आगजनी के आरोप में 5,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों में बड़ी संख्या किशोरों की बताई जा रही है। इस दौरान सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
राष्ट्रीय पुलिस की प्रवक्ता अगाथ फोकाल्ट ने शनिवार को बताया कि प्रदर्शनकारियों के साथ हुई झड़पों में 600 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, शिक्षकों और आम नागरिकों पर भी हमले किए गए हैं, जबकि बड़े पैमाने पर सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।
पेरिस के पुलिस प्रमुख पैट्रिस फार ने मंगलवार से प्रस्तावित नए प्रदर्शनों के मद्देनजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक खुला पत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू करने वाले लोग अब इसे नियंत्रित करने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने छात्रों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की ओर लौटने की अपील की। छात्र मुख्य रूप से कक्षाओं में बढ़ती भीड़, नियमित शिक्षकों की कमी और जर्जर स्कूल भवनों जैसी समस्याओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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