केदारनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, रिकॉर्ड भीड़ से हाईवे जाम; 45 मिनट का सफर तय करने में लगे 4 घंटे
केदारनाथ धाम की द्वितीय चरण की यात्रा में देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
प्रतिदिन 15 हजार से अधिक यात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है, जिसके चलते केदारघाटी से लेकर रुद्रप्रयाग-श्रीनगर हाईवे तक कई जगहों पर लंबा जाम लग रहा है।
स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रुद्रप्रयाग से श्रीनगर के बीच सामान्य तौर पर करीब 45 मिनट में पूरा होने वाला सफर अब जाम के कारण तीन से चार घंटे तक का समय ले रहा है। सिरोंबगड़ स्लाइडिंग जोन और धारी देवी क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। पुलिसकर्मी दोनों तरफ यातायात नियंत्रित करने में जुटे हैं, लेकिन वाहनों की भारी संख्या के कारण उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
75 किलोमीटर के मार्ग पर बढ़ा दबाव
रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक करीब 75 किलोमीटर लंबे मार्ग पर भी यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गुप्तकाशी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड के आसपास कई स्थानों पर वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। रोजाना करीब छह से सात हजार छोटे-बड़े वाहनों के केदारघाटी पहुंचने से सड़क पर दबाव बढ़ गया है।
सीतापुर, रामपुर और सोनप्रयाग की पार्किंग क्षमता सीमित होने के कारण पार्किंग भरने के बाद बड़ी संख्या में वाहनों को हाईवे के किनारे खड़ा करना पड़ रहा है। संकरी सड़क और सड़क किनारे खड़े वाहनों की वजह से यातायात व्यवस्था और प्रभावित हो रही है।
सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग बना चुनौती
सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच करीब छह किलोमीटर का रास्ता सिंगल लेन होने के कारण स्थिति और मुश्किल हो जाती है। बड़े वाहनों की आवाजाही संभव नहीं होने के कारण यात्रियों को शटल वाहनों और मैक्स के जरिए गौरीकुंड पहुंचाया जा रहा है। हालांकि यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते इन वाहनों पर भी दबाव बढ़ गया है।
कई बार जाम की स्थिति बनने पर यात्रियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पैदल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे बुजुर्ग और अन्य यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है।
आगे भी बढ़ सकती है यात्रियों की संख्या
केदारघाटी होटल एसोसिएशन के सचिव मनोज सेमवाल के मुताबिक, यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। आने वाले करीब एक महीने तक बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सीतापुर, रामपुर, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में पार्किंग की सीमित क्षमता के कारण वाहनों को हाईवे किनारे खड़ा करना पड़ रहा है।
वहीं, गौरीकुंड व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष मायाराम गोस्वामी ने कहा कि हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पर्याप्त और स्थायी पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की मांग की, ताकि यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी जाम की समस्या से राहत मिल सके।
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