बंगाल में फिर घर-घर पहुंचेंगे BLO, SIR सत्यापन के लिए दोबारा शुरू होगा अभियान

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पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत एक बार फिर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर सत्यापन करना पड़ सकता है।

SIR से पहले की मतदाता सूची और वर्तमान सूची का मिलान करने के बाद उन मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी, जिनका सत्यापन अभी बाकी है। इसके बाद BLO संबंधित मतदाताओं के घर पहुंचकर उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाएंगे।

हालांकि, इस प्रक्रिया में स्कूल शिक्षकों को दोबारा BLO की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। शिक्षकों का कहना है कि पिछले साल नवंबर से शुरू हुए SIR कार्य के कारण पहले ही स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई है। इसके बाद 2026 की शुरुआत में उच्च माध्यमिक परीक्षाओं और विधानसभा चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शिक्षकों को सौंपी गईं।

शिक्षकों के मुताबिक, SIR का काम पूरा होने के बाद जनगणना से जुड़ी ड्यूटी और फिर घर-घर मतदाता सत्यापन की जिम्मेदारी मिलने की आशंका है। उनका कहना है कि दुर्गापूजा की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही विभिन्न कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। नवंबर-दिसंबर में परीक्षाओं के बाद माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तैयारियां भी शुरू होनी हैं।

ऐसे समय में शिक्षकों को घर-घर जाकर मतदाता सूची के सत्यापन में लगाया जाता है तो इसका असर स्कूलों में नियमित पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है।

BLO मंच ने भी जताई नाराजगी

वोटकर्मी एवं बीएलओ मंच ने भी शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने पर आपत्ति जताई है। संगठन के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा कि शिक्षकों को बार-बार स्कूल के मूल दायित्वों से अलग काम सौंपे जाने का सीधा असर पठन-पाठन पर पड़ रहा है।

उनके मुताबिक, लगातार प्रशासनिक और चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों के कारण शिक्षकों के लिए स्कूल में पर्याप्त समय देना मुश्किल हो रहा है। संगठन का कहना है कि इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

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