ब्रिटेन में आतंकी साजिश के बाद अमेरिका का बड़ा फैसला, RAF फेयरफोर्ड से सभी बॉम्बर विमान वापस बुलाए

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RAF फेयरफोर्ड से अमेरिका ने हटाए सभी बॉम्बर, कथित ईरानी साजिश के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस को निशाना बनाने की कथित आतंकी साजिश की जांच के बीच अमेरिका ने अपने सभी बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया है। पेंटागन ने पुष्टि की है कि एयरबेस पर तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमान अब अमेरिका स्थित अपने होम बेस पर लौट गए हैं।

अमेरिकी अधिकारियों ने विमानों की वापसी की पुष्टि तो की है, लेकिन ऑपरेशनल सिक्योरिटी का हवाला देते हुए यह नहीं बताया कि नई धमकी की सटीक प्रकृति क्या थी या विमानों को तत्काल हटाने का फैसला किस विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर लिया गया।

करीब एक दर्जन B-1 बॉम्बर लौटे अमेरिका

RAF फेयरफोर्ड पर हाल में करीब 12 B-1B लांसर बॉम्बर तैनात थे। ये विमान ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। 4 अक्टूबर को इन विमानों को तेजी से अमेरिका की ओर रवाना होते देखा गया, जिसके बाद पेंटागन ने उनकी वापसी की पुष्टि की।

अमेरिकी सेना के मुताबिक, बॉम्बर विमानों को अमेरिका वापस भेजे जाने के बावजूद उनकी वैश्विक स्ट्राइक क्षमता बरकरार है। महाद्वीपीय अमेरिका से भी B-1, B-2 और B-52 जैसे विमान लंबी दूरी के मिशन संचालित कर सकते हैं।

एयरबेस के पास गिरफ्तारियों के बाद बढ़ी चिंता

विमानों की वापसी ऐसे समय हुई है जब RAF फेयरफोर्ड के आसपास कथित आतंकी साजिश की जांच चल रही है। 27 सितंबर को एयरबेस के पास पांच ब्रिटिश नागरिकों को आतंकवाद और विस्फोटक अपराधों के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। बाद में सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

इसके बाद एक 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को भी आतंकवादी गतिविधि की तैयारी के संदेह में गिरफ्तार किया गया। उसे भी बाद में जमानत मिल गई। ब्रिटिश अधिकारी मामले में विदेशी भूमिका की जांच कर रहे हैं।

ईरान पर शक, तेहरान ने आरोपों से किया इनकार

ब्रिटेन के अधिकारियों ने मामले में ईरान की संभावित भूमिका की ओर संकेत किया है। हालांकि, तेहरान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

RAF फेयरफोर्ड यूरोप में अमेरिकी बॉम्बर अभियानों का एक प्रमुख ठिकाना रहा है। ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों के दौरान यहां B-1 और B-52 जैसे लंबी दूरी के बॉम्बर तैनात किए गए थे। ऐसे में सभी बॉम्बरों को अचानक अमेरिका वापस भेजना एयरबेस की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताओं को दर्शाता है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस कदम के पीछे की विशिष्ट खुफिया जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

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