तिब्बत में भीषण भूकंप से तबाही, 16 की मौत और 54 घायल; राहत-बचाव अभियान जारी

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चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार को आए 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई।

इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 अन्य घायल हुए हैं। भूकंप के कारण सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है।

भूकंप के मुख्य झटके के बाद आसपास के क्षेत्रों में 3 से 4 तीव्रता के कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए। जनवरी 2024 के बाद चीन में आया यह सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया गया है।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भूकंप के कारण कम से कम 339 मकान ढह गए। घायलों में 11 की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि 21 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। प्रशासन प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके रहने के लिए अस्थायी व्यवस्था भी कर रहा है।

पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें राहत अभियान में लगी हुई हैं। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और बेघर हुए परिवारों के लिए तंबू लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत किया है।

भूकंप का केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर बताया गया है। जोरदार झटकों के कारण स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग सुरक्षा के लिए अपने घरों से बाहर निकल आए।

चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार रात करीब 10:33 बजे आए भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई। इसका केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। यह इलाका समुद्र तल से औसतन करीब 4,864 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप के केंद्र के पास स्थित एक गांव में दो लोग घायल हुए, जबकि आसपास के कई गांवों में मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गईं। सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो में लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए। कई लोगों ने खुले स्थानों और सड़कों पर खड़ी अपनी कारों में शरण ली।

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