अमेरिका का ईरान पर शिकंजा, भारत की कई कंपनियों और तुर्किए की फर्म पर लगाया प्रतिबंध; तेल तस्करी में मदद का आरोप
ईरान की मदद के आरोप में अमेरिका का एक्शन, भारतीय और तुर्किये की कंपनियों पर लगाए नए प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान को आर्थिक और व्यावसायिक सहायता पहुंचाने के आरोप में भारत और तुर्किये से जुड़ी कई कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि ईरानी सरकार की मदद करने वाले लोगों और संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गई है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री से होने वाली आय पर रोक लगाना और उसकी आर्थिक गतिविधियों को सीमित करना है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, प्रतिबंधों की सूची में भारत में रहने वाले सुनील कुमार शर्मा, उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद और दो अन्य भारतीय नागरिकों को शामिल किया गया है। इन पर ईरानी तेल के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित जहाजों को फर्जी राष्ट्रीय पहचान, झंडे और समुद्री दस्तावेज उपलब्ध कराने का आरोप है। इसके अलावा सुनील कुमार शर्मा से जुड़े नौ अन्य संस्थानों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि चंडीगढ़ में रहने वाले सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी ने गुयाना, इस्वातिनी और लाओस जैसे देशों के प्रतिनिधियों के रूप में काम करते हुए जहाजों के लिए कथित तौर पर फर्जी पंजीकरण और प्रमाणपत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों की मदद से ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों और उनसे संबद्ध संगठनों के लिए काम करने वाले जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचकर अपनी गतिविधियां जारी रख सके।
इस कार्रवाई में तुर्किये की कंपनी फुगो ग्राउंड सर्विसेज इंक को भी निशाना बनाया गया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय का आरोप है कि यह कंपनी ईरान की प्रतिबंधित विमानन कंपनियों को हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग और अन्य जरूरी सेवाएं मुहैया करा रही थी।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस कार्रवाई पर कहा कि ईरानी सरकार को आर्थिक या कारोबारी सहायता देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जमीन, समुद्र और हवाई मार्ग के जरिए ईरान की मदद करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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