ईरान-इज़रायल युद्ध पर ट्रंप का बयान: “मैं कुछ भी कर सकता हूं”, अमेरिका की एंट्री के संकेत
ईरान-इज़रायल युद्ध के सातवें दिन अंतरराष्ट्रीय तनाव और गहरा गया है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताज़ा बयान में संकेत दिए हैं कि अमेरिका, इस युद्ध में सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। हालांकि उन्होंने अंतिम निर्णय टालते हुए कहा, “मैं कुछ भी कर सकता हूं, और नहीं भी… कोई नहीं जानता।”
ईरान डील का मौका खो चुका है: ट्रंप
ट्रंप ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ईरान ने एक शानदार सौदे का मौका गंवा दिया। “हमने 60 दिन तक बात की, लेकिन उन्होंने सौदा नहीं किया और अब पछता रहे हैं,” उन्होंने कहा। ट्रंप के मुताबिक, अब ईरान व्हाइट हाउस के संपर्क में है, लेकिन वे कोई भी फैसला परिस्थितियों के मुताबिक ही लेंगे।
अमेरिका के हमले की योजना तैयार, लेकिन आदेश लंबित
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकारों के साथ ईरान पर सैन्य कार्रवाई की योजना पर चर्चा की है और हमले की रूपरेखा को मौखिक मंजूरी भी दे दी है। हालांकि, अंतिम आदेश अभी रोक कर रखा गया है। ट्रंप चाहते हैं कि पहले यह स्पष्ट हो जाए कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए तैयार है या नहीं।
ट्रंप की रणनीति: अंतिम क्षण में फैसला
पूर्व राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वे जंग जैसे हालातों में अंतिम क्षण में निर्णय लेना पसंद करते हैं। “मेरे पास कुछ आइडियाज़ हैं, लेकिन अभी कुछ तय नहीं है। जंग में हालात हर घंटे बदलते हैं,” उन्होंने कहा।
ईरान-इज़रायल संघर्ष में भारी नुकसान
इज़राइल के अनुसार: ईरानी मिसाइल हमलों में अब तक 24 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं।
ईरान का दावा: इज़राइली जवाबी हमलों में अब तक 585 लोगों की मौत, और 1300 से अधिक घायल हुए हैं।
‘जंग एक भयावह स्थिति’ – ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि वे इस हिंसा से व्यथित हैं: “मेरे लिए यह देखना बहुत कठिन है कि कितनी मौतें हो रही हैं… मैं थोड़ी देर में वॉर रूम में बैठक कर रहा हूं। यह एक भयानक स्थिति है।”
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