बिहार सीएम शपथ: 10 साल बाद गांधी मैदान तैयार, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

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बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण: गांधी मैदान में तैयारियाँ तेज, अधिकारियों की छुट्टियां 20 नवंबर तक रद्द

राज्य में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पटना के गांधी मैदान में तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। सोमवार को जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीम ने स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

गांधी मैदान को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की जरूरतों के अनुसार कई जोन में बांटा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने समारोह के लिए 25 बीएएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है, जिनमें से पाँच अधिकारियों को विशिष्ट अतिथियों की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है।

वीवीआईपी मानकों के अनुसार मुख्य मंच तैयार

गांधी मैदान में मुख्य मंच का निर्माण वीवीआईपी सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
इसके साथ ही:

  • बैरिकेडिंग
  • विशेष अतिथियों के लिए अलग मार्ग
  • मीडिया ज़ोन
  • आगंतुकों के लिए बैठने की व्यवस्था
  • पंडाल, साउंड और लाइटिंग
  • जैसी व्यवस्थाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

सोमवार को प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेश कुमार पराशर, रेंज आईजी जितेंद्र राणा और जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस एम ने स्थल का निरीक्षण कर संबंधित विभागों को निर्देश दिए। पंडाल निर्माण सामग्री भी बड़ी संख्या में उतारी गई। नगर निगम ने मैदान में सफाई अभियान चलाया और पेयजल, मोबाइल टॉयलेट, फायर सेफ्टी सहित सभी सार्वजनिक सुविधाओं की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि समारोह को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों और आम लोगों के शामिल होने की संभावना है।

10 साल बाद गांधी मैदान में शपथ ग्रहण

गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह दस साल बाद हो रहा है।
इससे पहले यहां 2015 में शपथ ग्रहण आयोजित हुआ था, जिसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे।

नीतीश कुमार ने 2005 में पहली बार Gandhi Maidan में शपथ ली थी। 2010 और 2015 में भी यहीं समारोह हुआ।
2020 में कोरोना काल के कारण शपथ ग्रहण राजभवन में आयोजित किया गया था।

20 नवंबर तक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

पटना जिलाधिकारी ने शपथ ग्रहण को देखते हुए 20 नवंबर तक जिले के सभी अधिकारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है।
कानून-व्यवस्था और व्यवस्थापन के लिए बड़ी संख्या में कर्मियों की ड्यूटी लगाई जानी है।

अवकाश केवल विशेष परिस्थिति में ही मिलेगा, वह भी वरिष्ठ प्रभारी की अनुशंसा और डीएम की अनुमति के बाद ही अधिकारी मुख्यालय छोड़ सकेंगे।

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