न्यूयॉर्क शहर, जो दुनिया के सबसे आधुनिक और अमीर शहरों में गिना जाता है, अब अपने इतिहास में एक नए मोड़ पर है।
जहां हर अरबपति का सपना होता है कि वह इस शहर में रहे, वहीं ज़ोहरान ममदानी की मेयर बनने के बाद कई अमीर निवासियों के लिए चिंता की लहर उठ गई है। इसका मुख्य कारण ममदानी की अमीरों और बड़ी कंपनियों पर नए टैक्स लगाने की नीति है।
ममदानी की टैक्स नीति और अमीरों की प्रतिक्रिया
ममदानी ने अपने चुनाव अभियान में वादा किया था कि वह अमीरों और बड़ी कंपनियों पर एक्स्ट्रा टैक्स लगाकर करीब 9 अरब डॉलर शहर की विकास योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं के लिए जुटाएंगे। इस नीति ने न्यूयॉर्क के उच्च आय वर्ग, खासकर 50 से 64 साल के निवासियों के बीच चिंता पैदा कर दी है, जिनमें से कुछ के पास शहर की 12 प्रतिशत संपत्ति है।
अमीर वर्ग ने ममदानी को हराने के लिए चुनाव में भारी रकम खर्च की, लेकिन बावजूद इसके, 34 वर्षीय ममदानी ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हराकर जीत हासिल की। वह 1 जनवरी 2026 को एरिक एडम्स के बाद न्यूयॉर्क के 111वें मेयर के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।
शहर छोड़ने की योजना
हाल के सर्वेक्षण में सामने आया है कि ममदानी की नीति से शहर छोड़ने की योजना बनाने की संभावना पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक थी। लगभग 12 प्रतिशत पुरुष और 7 प्रतिशत महिलाएं स्पष्ट रूप से कह रही हैं कि वे शहर छोड़ देंगे। वहीं, दोनों समूहों में से करीब एक-चौथाई लोग इस पर विचार कर रहे हैं।
विशेष रूप से, 50 से 64 वर्ष की आयु वाले निवासियों में शहर छोड़ने की प्रवृत्ति अधिक दिखाई दी। इनमें से 12 प्रतिशत निश्चित रूप से शहर छोड़ने का इरादा रखते हैं, जबकि 33 प्रतिशत इस विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
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