Central Board of Secondary Education (CBSE) की बोर्ड परीक्षाएं आज, 17 फरवरी से शुरू हो गई हैं।
इस साल 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में कुल 43 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें करीब 24 लाख लड़के और 19 लाख लड़कियां परीक्षा दे रहे हैं। बोर्ड ने पहले से सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली थीं और इस बार कुछ अहम बदलाव भी लागू किए गए हैं।
10वीं और 12वीं में कितने छात्र
- 10वीं कक्षा की परीक्षा में लगभग 25 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं, जबकि 12वीं में करीब 18.5 लाख छात्र परीक्षा दे रहे हैं।
- 10वीं में करीब 14 लाख लड़के और 10.9 लाख लड़कियां हैं।
- 12वीं में लगभग 10.2 लाख लड़के और 8.3 लाख लड़कियां परीक्षा में बैठेंगी।
देशभर में 10वीं के लिए 8,074 और 12वीं के लिए 7,574 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 10वीं की परीक्षाएं 10 मार्च तक चलेंगी, जबकि 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल को समाप्त होंगी।
पहले दिन अहम विषयों की परीक्षा
10वीं के छात्रों के लिए पहले ही दिन गणित का पेपर रखा गया है, जिसे आमतौर पर चुनौतीपूर्ण विषय माना जाता है। वहीं 12वीं में बायोटेक्नोलॉजी, बिजनेस स्टडीज और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे विषयों की परीक्षा आयोजित की जा रही है। बोर्ड पहले ही सभी छात्रों के एडमिट कार्ड जारी कर चुका है।
बदले नियम और सख्ती
इस साल परीक्षा नियमों में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं।
सुबह 10 बजे के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। गेट ठीक 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे।
नियमित छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य है, जबकि प्राइवेट छात्रों को हल्के और सादे कपड़े पहनने की अनुमति दी गई है।
12वीं की उत्तर पुस्तिकाएं इस बार ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम से जांची जाएंगी। यानी कॉपियां स्कैन कर शिक्षकों को लैपटॉप या टैबलेट पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा 10वीं के छात्रों को इस बार दो बार बोर्ड परीक्षा देने का विकल्प भी दिया गया है, जिससे वे अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकें।
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