प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहुचर्चित कफ सीरप तस्करी मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
इसके लिए एजेंसी ने इस केस में पहले से सक्रिय विभिन्न जांच एजेंसियों से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और इनपुट जुटा लिए हैं। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि अवैध कफ सीरप का यह नेटवर्क दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का था।
सूत्रों के अनुसार, इस रैकेट में कई सफेदपोश लोग भी शामिल थे। ईडी ने जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई हैं—एक टीम तस्करी से जुड़े वित्तीय ट्रेल को खंगाल रही है, जबकि दूसरी टीम एसटीएफ और अन्य राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है।
ईडी जोड़ रही है नेटवर्क की कड़ियां
एजेंसी गिरोह की पूरी संरचना और उसे संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों को चिन्हित करने में जुटी है। एसटीएफ, एसआईटी, जिलों की पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी ईडी को सौंप दी गई है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि तीन राज्यों और विदेशों तक फैले इस नेटवर्क ने दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कफ सीरप तस्करी की है। आरोपितों की कई कंपनियों, फर्मों और संपत्तियों की जानकारी ईडी को मिल चुकी है। शुरुआती जांच में फर्जी फर्मों और संबंधित कंपनियों के बैंक खातों में गड़बड़ियां भी पाई गई हैं।
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