पटना नीट छात्रा मौत केस: परिजनों को धमकी, भाई का फोन जांच में जब्त

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पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। एक ओर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) साक्ष्य जुटाने में लगी है, वहीं दूसरी ओर परिजनों को मिल रही धमकियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

परिजनों को दोबारा मिली धमकी

छात्रा के परिवार को दूसरी बार धमकी भरा पर्चा मिलने से दहशत का माहौल है। ताजा पर्चे में परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। इससे पहले भी घर के बाहर एक पर्चा मिला था, जिसमें परिवार को चुप रहने की धमकी दी गई थी।

मृतका के पिता ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि घर के बाहर पुलिस की तैनाती के बावजूद इस तरह पर्चा मिलना चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि पहली धमकी की सूचना स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसी को दे दी गई थी, फिर भी दोबारा ऐसी घटना होना बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है।

सीबीआई की दूसरी पूछताछ

मंगलवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम छात्रा के पैतृक गांव पहुंची। टीम ने करीब चार घंटे तक परिवार के सदस्यों से अलग-अलग बातचीत की। जांच के दौरान छात्रा की हालिया गतिविधियों, हॉस्टल में उसके अनुभव, और मौत से पहले परिवार से हुई बातचीत जैसे पहलुओं पर विस्तार से जानकारी ली गई।

डिजिटल साक्ष्यों की जांच

जांच के क्रम में एजेंसी ने छात्रा के भाई का मोबाइल फोन जब्त किया है। सूत्रों के अनुसार, मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कर कॉल डिटेल्स, संदेशों और सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण किया जाएगा। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि छात्रा किसी दबाव में थी या किसी बाहरी कारण से घटना घटी।

पहले भी हो चुकी है पूछताछ

इससे पहले सीबीआई की टीम पटना स्थित शम्भू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचकर वहां के संचालक और अन्य छात्राओं के बयान दर्ज कर चुकी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

अब तक की प्रमुख घटनाएं

6 जनवरी: छात्रा हॉस्टल के कमरे में अचेत अवस्था में मिली।

11 जनवरी: इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

प्रारंभिक जांच: स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में आत्महत्या की आशंका जताई थी।

SIT जांच: विशेष जांच टीम को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे अन्य संभावनाओं की जांच शुरू हुई।

CBI को जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई। एजेंसी डीएनए सैंपल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

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