कोलकाता गैंगरेप केस: पीड़िता के बयान से लेकर सीसीटीवी और क्राइम सीन रीक्रिएशन तक, जानें अब तक की जांच
कोलकाता गैंगरेप केस: चार गिरफ्तार, पीड़िता का बयान दर्ज, जांच के घेरे में कई पहलू
कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक इस केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक सुरक्षा गार्ड और कॉलेज का एक पूर्व छात्र भी शामिल है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया है और घटना के दिन के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच जारी है।
सीसीटीवी में दिखी जबरदस्ती
पुलिस को मिले एक सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है कि तीन युवक और एक सुरक्षा गार्ड पीड़िता को जबरन गार्ड रूम की ओर ले जा रहे हैं। यह फुटेज कथित वारदात के समय का बताया जा रहा है और इसे जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस इस फुटेज के आधार पर पूछताछ की दिशा तय कर रही है।
क्राइम सीन का रीक्रिएशन और फोरेंसिक जांच
जांच टीम ने घटनास्थल का रीक्रिएशन भी किया है। स्टूडेंट यूनियन रूम, वॉशरूम और गार्ड रूम से फॉरेंसिक टीम ने फिंगरप्रिंट सहित अन्य साक्ष्य जुटाए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस अन्य कॉलेज कर्मचारियों और विद्यार्थियों से भी पूछताछ की तैयारी में है।
पीड़िता का बयान: धमकी, हिंसा और भय
पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने कहा कि घटना टीएमसी छात्र परिषद (TMCP) की एक बैठक के तुरंत बाद हुई। उसने बताया कि शाम करीब 7:30 बजे तीन युवकों ने उसे घेर लिया, जिनमें से दो ने उसे जबरन एक कमरे में तीसरे आरोपी के साथ बंद कर दिया। वहां उसके साथ दुर्व्यवहार और कथित बलात्कार की कोशिश की गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि विरोध करने और विनती करने के बावजूद उसके साथ जबरदस्ती की गई। इस दौरान उसे घबराहट का दौरा भी पड़ा, जिसके बाद उसे इनहेलर दिया गया। उसने भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने दोबारा पकड़ लिया और उसे गार्ड रूम में ले जाकर कथित तौर पर फिर से हमला किया गया।
राजनीतिक विवाद में फंसा मामला
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी भाजपा ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) संरक्षण दे रही है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में मिश्रा को टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ देखा गया है। टीएमसी ने माना है कि मिश्रा पहले पार्टी के छात्र संगठन से जुड़ा था, लेकिन अब उसे पार्टी से अलग कर दिया गया है।
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