दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट को लेकर केंद्र सरकार ने अब मोर्चा संभाल लिया है।
मंगलवार, 11 नवंबर को गृह मंत्रालय में इस घटना पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। बैठक सुबह 9:30 बजे के बाद शुरू होगी, जिसमें आंतरिक सुरक्षा की स्थिति और जांच की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) प्रमुख, गृह सचिव, विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में यह संकेत मिले हैं कि धमाके के तार फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हो सकते हैं, और एजेंसियां इसे फिदायीन हमले की संभावना के रूप में देख रही हैं।
सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक सफेद हुंडई i20 कार में हुए धमाके में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हुए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) की धाराएं लगाई हैं और फोरेंसिक टीमों के साथ मिलकर सबूत जुटा रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार रात मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
विस्फोट के बाद देशभर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, जयपुर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार को हाई अलर्ट पर रखा गया है। केरल में भी पुलिस को राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आदेश दिया गया है। रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है, जबकि केंद्रीय एजेंसियां मिलकर हमले की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
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