फरवरी में तपने लगा कश्मीर: श्रीनगर का पारा 21°C, अप्रैल-मई जैसी गर्मी

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ठंडी हवाओं और बर्फीली वादियों के लिए मशहूर श्रीनगर इन दिनों असामान्य गर्मी का सामना कर रहा है।

जिस फरवरी में आमतौर पर घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढकी रहती है, उसी महीने तापमान ने चौंकाने वाली छलांग लगाई है। शनिवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 10 डिग्री ज्यादा है।

फरवरी में टूटा रिकॉर्ड

मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी के दौरान श्रीनगर में दर्ज यह अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान है। इससे पहले 24 फरवरी 2016 को 20.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। इस बार कई इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से 9 से 11 डिग्री अधिक चल रहा है, जिससे यह महीना लगभग एक दशक में सबसे गर्म फरवरी बन गया है।

ऊंचाई वाले इलाकों में भी असर

असामान्य गर्मी का असर सिर्फ श्रीनगर तक सीमित नहीं है। मशहूर पर्यटन स्थल Gulmarg में अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि Pahalgam में पारा 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आमतौर पर इन इलाकों में इस समय कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी देखने को मिलती है।

जम्मू क्षेत्र में भी बढ़ी गर्मी

जम्मू संभाग में भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। जम्मू शहर में अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से करीब 2.9 डिग्री अधिक है। कटरा में 25 डिग्री, बटोटे में 19.9 डिग्री, बनिहाल में 19.8 डिग्री और भद्रवाह में 21.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

पानी की कमी की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों में कम बर्फबारी और फरवरी की रिकॉर्डतोड़ गर्मी पहाड़ों पर जमी बर्फ को समय से पहले पिघला सकती है। इससे गर्मियों में नदियों और झरनों के जलस्तर पर असर पड़ने की आशंका है, जो सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

मार्च से उम्मीद

मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब मार्च पर टिकी है। उनका मानना है कि यदि अगले महीने बर्फबारी होती है तो हालात कुछ हद तक संतुलित हो सकते हैं। फिलहाल फरवरी की असामान्य गर्मी ने किसानों, बागवानों और कृषि विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इसका सीधा असर फसलों और बागवानी पर पड़ सकता है।

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