कैलिफ़ोर्निया ने 9 जून 2025 (सोमवार) के दिन, संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है जिसमें आरोप है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गवर्नर गेविन न्यूसम की अनुमति के बिना लॉस एंजेलिस में लगभग 2,000 नेशनल गार्ड सैनिक तैनात किए—जो कि राज्य की संप्रभुता के उल्लंघन के बराबर है।
मुकदमे का मुख्य आधार:
Title 10 के तहत ट्रम्प ने सैनिकों को संघीय स्तर पर तैनात किया, जबकि क़ानून केवल अत्यधिक परिस्थितियों (विद्रोह, विदेशी आक्रमण या कानून-प्रवर्तन विफलता) में ही राज्य की मंजूरी के बिना यह कार्रवाई करने की अनुमति देता है ।
कैलिफ़ोर्निया का तर्क है कि इन शर्तों में से कोई भी स्थिति इस समय लागू नहीं होती — न “विद्रोह” है, न “विदेशी हमला” और न ही राज्य या स्थानीय प्रशासन असमर्थ है ।
राज्य और एजेंसी के बयान:
एटॉर्नी जनरल रॉब बॉन्टा ने कहा:
“राष्ट्रपति ने सीमा पार कर दी—यह स्पष्ट है कि न तो कोई विद्रोह है, न हमला, और न ही कानून प्रवर्तन असफल हुआ है”।
गवर्नर गैविन न्यूसम ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को पत्र लिखकर कहा:
- “यह अवैध है, राज्य की संप्रभुता का उल्लंघन है, और इससे तनाव बढ़ सकता है”—उन्होंने MSNBC को भी यह बात दोहराई ।
- पेंटागन ने संकेत दिया है कि अतिरिक्त सैनिक (लगभग 700 मरीन्स) भी स्टैनबाय पर रखे गए हैं, आवश्यकता होने पर भेजे जा सकते हैं
- ट्रम्प ने तर्क दिया कि यह कदम “संघीय एजेंटों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी” था और इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने का माध्यम बताया
इसका ऐतिहासिक और संवैधानिक महत्व:
यह पहला मौका है जब किसी राष्ट्रपति ने 1965 के बाद किसी राज्य की नेशनल गार्ड को राज्य के गवर्नर की अनुमति के बिना सक्रिय किया है मामला संविधान के 10वें संशोधन और Insurrection Act की व्याख्या से जुड़ा है—यह दर्शाता है कि संघ और राज्य की भूमिका के बीच कोई रेखा पार नहीं किया जाना चाहिए
अगला कदम:
कैलिफ़ोर्निया की अदालत में फैसला जल्द ही आने की उम्मीद है, जिसमें राज्य की मांग है कि ट्रम्प प्रशासन की ये तैनाती रद्द कर दी जाए। अगर अदालत राज्य का पक्ष लेती है, तो इससे राष्ट्रपति की मंज़ूरी के बगैर सैनिक भेजने की प्रक्रिया में लाभकारी सीमाएं लग सकती हैं।
यह मुकदमा केवल लॉस एंजेलिस तक सीमित नहीं—यह संघीय-राज्यीय अधिकारों, संविधान और आधुनिक अभियोजन की सीमा निर्धारित करने के संदर्भ में बेहद अहम बन गया है।
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