अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से किए गए एक हवाई हमले में काबुल स्थित एक ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की खबर है। हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि उसकी कार्रवाई केवल आतंकी ठिकानों के खिलाफ थी, किसी भी नागरिक ढांचे को निशाना नहीं बनाया गया।
अस्पताल पर हमले का आरोप
तालिबान सरकार के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने कहा कि काबुल के पुलिस जिला-9 में स्थित एक नशामुक्ति केंद्र पर हवाई हमला किया गया। उनके मुताबिक हमले में अस्पताल की इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
तालिबान अधिकारियों का दावा है कि इस हमले में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं। मृतकों और घायलों में ज्यादातर वे मरीज बताए जा रहे हैं जो इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मलबा हटने के बाद हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।
पाकिस्तान ने आरोपों से किया इनकार
पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उसकी सेना ने काबुल में किसी अस्पताल या नागरिक सुविधा को निशाना नहीं बनाया। पाकिस्तान के मुताबिक उसकी कार्रवाई केवल उन ठिकानों के खिलाफ थी जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी अड्डे बताया था।
सीमा पर बढ़ता तनाव
बताया जा रहा है कि इस कथित हवाई हमले से कुछ घंटे पहले ही दोनों देशों की सीमा पर झड़प हुई थी, जिसमें चार अफगान नागरिकों की मौत की खबर सामने आई थी। इसे हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत माना जा रहा है।
टकराव गहराने की आशंका
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद और सुरक्षा मुद्दों को लेकर पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ रहा है। ताजा घटना से दोनों देशों के संबंधों में और तल्खी आने की आशंका जताई जा रही है।
तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान से इस तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने और सीमा उल्लंघन के मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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