अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को टैरिफ नीति पर बड़ा झटका देते हुए Supreme Court of the United States ने उनके ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को अवैध करार दिया। 6–3 के फैसले में अदालत ने माना कि राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ कानून की सीमा से बाहर थे। फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी और जजों पर खुलकर नाराज़गी जताई।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि जिन जजों ने उनके “उचित और स्वीकार्य” टैरिफ के खिलाफ वोट दिया, उन्हें “शर्म आनी चाहिए।” उन्होंने फैसले को “हास्यास्पद” बताया और कहा कि प्रशासन अब वैकल्पिक कानूनी प्रावधानों के जरिए राजस्व जुटाने के कदम उठाएगा।
10% ग्लोबल टैरिफ का ऐलान
ओवल ऑफिस से ट्रंप ने सभी देशों पर 10% वैश्विक टैरिफ लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसके लिए वे ट्रेड एक्ट की धारा 122 के अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैरिफ धारा 232 के तहत और चीन समेत अन्य देशों पर लगाए गए टैरिफ धारा 301 के तहत जारी रहेंगे। साथ ही, “अनुचित व्यापारिक प्रथाओं” के खिलाफ नई जांच शुरू करने की भी बात कही गई है।
भारत पर क्या असर?
भारत के संदर्भ में ट्रंप ने कहा कि नए 10% वैश्विक टैरिफ का मौजूदा व्यवस्था पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi को “स्मार्ट और शानदार नेता” बताते हुए संकेत दिया कि भारत के साथ हुई अंतरिम व्यापार समझ के तहत तय 18% टैरिफ में फिलहाल बदलाव नहीं होगा।
गौरतलब है कि हालिया अंतरिम ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने भारत पर कुल टैरिफ दर 50% से घटाकर 18% कर दी थी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप की नई घोषणा ने वैश्विक व्यापार माहौल में अनिश्चितता बढ़ा दी है, लेकिन भारत पर तत्काल प्रभाव सीमित बताया जा रहा है।
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