धनतेरस से पहले सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, महीनेभर में ₹10,000 सस्ता हुआ गोल्ड; क्या खरीदारी का है सही मौका?
धनतेरस से पहले सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक महीने में ₹10,000 सस्ता हुआ गोल्ड; क्या निवेश का सही मौका?
सोने की कीमतों में आई गिरावट के बीच धनतेरस और दिवाली के साथ-साथ आगामी शादी के सीजन में इसकी मांग बढ़ने की उम्मीद है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच बाजार विशेषज्ञ सोने में निवेश के अवसरों पर नजर बनाए हुए हैं।
पिछले एक महीने में सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम करीब 10,000 रुपये तक गिर चुकी है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव से सोने की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
एक महीने में 10,000 रुपये तक सस्ता हुआ सोना
बुधवार को सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,47,805 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, 21 सितंबर को इसकी कीमत 1,57,585 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस तरह सोने के भाव में लगभग 9,780 रुपये की गिरावट आई है।
इस बीच, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भारत के सोने के आयात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 27 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
पीएचडी चैंबर से जुड़े कैपिटल मार्केट विशेषज्ञ बी.के. सभरवाल के अनुसार, मौजूदा स्तर पर सोने में खरीदारी करना एक अवसर हो सकता है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि वैश्विक घटनाक्रमों के चलते कीमतों में दो से चार हजार रुपये तक का उतार-चढ़ाव संभव है।
धनतेरस और शादी के सीजन में बढ़ सकती है मांग
सराफा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार धनतेरस और उसके बाद शादी के सीजन में सोने के आभूषणों की बिक्री पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक रह सकती है।
कारोबारियों के मुताबिक, धनतेरस पर अब ग्राहक आभूषणों के साथ-साथ सोने के सिक्कों और बार में भी निवेश कर रहे हैं। मौजूदा कीमतों में आई नरमी से इनकी खरीदारी बढ़ने की संभावना है।
सोने के भाव पहले 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुके हैं। इसके बाद कीमतों में आई गिरावट ने खरीदारों का ध्यान फिर से आकर्षित किया है। ऐसे में त्योहारों के दौरान बाजार में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF में भी बढ़ रही दिलचस्पी
सोने में निवेश का तरीका भी बदल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, खासकर युवा निवेशक पारंपरिक आभूषणों और सिक्कों के बजाय डिजिटल गोल्ड तथा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के जरिए निवेश करने में रुचि दिखा रहे हैं।
डिजिटल गोल्ड में निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि खरीदे गए सोने का स्वामित्व किसके पास रहेगा और संबंधित प्लेटफॉर्म की शर्तें क्या हैं। निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि सोने की खरीद, भंडारण और बिक्री से जुड़े नियम क्या हैं।
गोल्ड ETF में निवेश के लिए डीमैट खाते की आवश्यकता होती है, जबकि डिजिटल गोल्ड को विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ऐप के माध्यम से खरीदा जा सकता है। इनमें कुछ प्लेटफॉर्म पर 1,000 रुपये से कम राशि से भी निवेश शुरू किया जा सकता है। हालांकि, निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, शुल्क और लागू शर्तों की जांच करना जरूरी है।
आंकड़ों के मुताबिक, इस साल सितंबर में डिजिटल गोल्ड की खरीदारी 26 अरब रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 83 प्रतिशत अधिक है।
क्या अभी सोना खरीदना फायदेमंद होगा?
सोने की कीमतों में हालिया गिरावट खरीदारों को आकर्षित कर सकती है, लेकिन आगे कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह निश्चित नहीं है। कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक तनाव, ब्याज दरों और निवेशकों की मांग में बदलाव का असर सोने पर पड़ सकता है।
यदि खरीदारी का उद्देश्य आभूषण बनवाना है, तो ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। वहीं, निवेश के लिए सोना खरीदने वालों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता, निवेश की अवधि और उपलब्ध विकल्पों का आकलन करना चाहिए। केवल हालिया गिरावट को कीमतें बढ़ने का निश्चित संकेत मानना उचित नहीं होगा।
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