यूक्रेन युद्ध पर पुतिन की बड़ी पहल! ट्रंप और शी चिनफिंग के साथ त्रिपक्षीय शिखर वार्ता का प्रस्ताव, अभी सहमति नहीं
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक अगले महीने चीन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक तीनों देशों के बीच इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति नहीं बनी है।
रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने 9 अक्टूबर को ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत के दौरान यह विचार रखा था। मॉस्को ऐसी शांति व्यवस्था चाहता है जो रूस के हितों के अनुरूप हो। इस संभावित बैठक का उद्देश्य यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा करना बताया जा रहा है।
क्रेमलिन ने क्या कहा?
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पुष्टि की कि संभावित त्रिपक्षीय बैठक को लेकर बातचीत हुई है, लेकिन अभी तक न तो बैठक की तारीख तय हुई है और न ही उसके एजेंडे पर सहमति बनी है।
पेस्कोव के मुताबिक, तीनों पक्ष इस तरह की बैठक की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसे लेकर कोई स्पष्ट समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में सम्मेलन का आयोजन फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर ही है।
ट्रंप ने भी नहीं दी औपचारिक मंजूरी
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अखबार को बताया कि ट्रंप ने इस त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन में शामिल होने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी नहीं दी है। हालांकि, वह इस पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि उनका प्रशासन रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही है। उन्होंने रूस के साथ बातचीत जारी रखने की अपनी नीति का बचाव करते हुए कहा कि वह ऐसे कदम नहीं उठाना चाहते, जिनसे मॉस्को वार्ता से पीछे हट जाए।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बंधकों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का भी उल्लेख किया और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने दो साल पहले बेहतर समझौते का अवसर गंवा दिया था।
चीन में हो सकती है त्रिपक्षीय बैठक
रिपोर्ट के मुताबिक, क्रेमलिन ने चीन के शेनझेन में 18 और 19 नवंबर को होने वाले APEC शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं की बैठक का सुझाव दिया है। रूसी राजनयिकों ने इस प्रस्ताव पर चीनी अधिकारियों से भी चर्चा की है।
खबर के अनुसार, चीन ने संकेत दिया है कि यदि ट्रंप बैठक में शामिल होने के लिए तैयार होते हैं, तो उसे इस पर आपत्ति नहीं होगी। हालांकि, चीन की ओर से भी इस संभावित सम्मेलन को लेकर किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
इस प्रस्ताव को लेकर यूक्रेन और अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों के बीच चिंता की खबरें सामने आई हैं। इसकी प्रमुख वजह यह है कि यूक्रेन युद्ध पर चर्चा के लिए प्रस्तावित बैठक में यूक्रेन की प्रत्यक्ष भागीदारी का उल्लेख नहीं है।
पुतिन और ट्रंप के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने पुतिन और ट्रंप के बीच हुई बातचीत को महत्वपूर्ण और मैत्रीपूर्ण बताया। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
उशाकोव ने कहा कि दोनों राष्ट्रपतियों की आमने-सामने मुलाकात के लिए अभी कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है। हालांकि, यदि दोनों नेता APEC शिखर सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो उनके बीच मुलाकात की संभावना बन सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन में होने वाला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन दोनों नेताओं को आमने-सामने बातचीत करने का अवसर दे सकता है।
ऊर्जा आपूर्ति पर भी हुई चर्चा
पुतिन और ट्रंप के बीच बातचीत में ऊर्जा सहयोग का मुद्दा भी शामिल था। उशाकोव के अनुसार, दोनों नेताओं ने रूस से अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेट्रोलियम उत्पादों की संभावित आपूर्ति पर चर्चा की।
इसके बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि रूस अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में तत्काल 3 लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। उन्होंने आने वाले महीनों में अतिरिक्त खेप भेजे जाने की उम्मीद भी जताई।
फिलहाल, पुतिन के त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होना बाकी है। यदि ट्रंप और शी चिनफिंग इस पहल में शामिल होने के लिए सहमत होते हैं, तो यह यूक्रेन युद्ध पर कूटनीतिक बातचीत के लिए एक नया मंच बन सकता है। हालांकि, यूक्रेन की भागीदारी और संभावित शांति समझौते की शर्तें इस पूरी पहल के अहम सवाल बने हुए हैं।
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