Donald Trump ने ईरान को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ‘दूसरी तरफ’ से संपर्क किया गया है और Iran अब समझौते के लिए उत्सुक दिख रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब Islamabad में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता बेनतीजा रही और दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ता नजर आ रहा है।
परमाणु मुद्दे पर सख्त रुख
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका के लिए सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ईरान परमाणु हथियारों को पूरी तरह छोड़ने पर सहमत नहीं होता, तब तक कोई समझौता संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को “दुनिया को ब्लैकमेल” करने की इजाजत नहीं देगा।
हॉर्मुज पर नाकेबंदी का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि Strait of Hormuz पर नाकेबंदी लागू कर दी गई है, जो अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे से प्रभावी हुई। उन्होंने कहा कि कई देशों ने इस स्थिति में अमेरिका की मदद की पेशकश की है, जिसकी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
सीजफायर पर क्या कहा
सीजफायर को लेकर ट्रंप ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अभी कोई सक्रिय सैन्य कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ईरान की आर्थिक हालत पर टिप्पणी
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का आर्थिक ढांचा दबाव में है और उसका “कोई कारोबार नहीं चल रहा”। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस दबाव को बनाए रखेगा। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिकी तेल कंपनियां इस स्थिति में बेहतर प्रदर्शन करेंगी और वैश्विक सप्लाई को संभालने में सक्षम हैं।
वैश्विक प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
ट्रंप ने Xi Jinping का जिक्र करते हुए कहा कि चीन भी इस मुद्दे का समाधान चाहता है। उन्होंने उपराष्ट्रपति JD Vance के काम की सराहना की और संकेत दिया कि ईरान मसले के बाद अमेरिका अन्य वैश्विक मुद्दों, जैसे Cuba, पर ध्यान केंद्रित कर सकता है।
कुल मिलाकर, हॉर्मुज तनाव के बीच ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि एक तरफ दबाव की रणनीति जारी है, तो दूसरी ओर संभावित समझौते के लिए कूटनीतिक रास्ते भी खुले रखे जा रहे हैं।
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