महंगाई के दबाव में ट्रंप प्रशासन ने कई उपभोक्ता वस्तुओं से हटाया शुल्क
अमेरिका में लगातार बढ़ती महंगाई और उपभोक्ताओं के तीखे दबाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। आदेश के तहत बीफ, कॉफी और कई उष्णकटिबंधीय फलों पर लगाए गए आयात शुल्क हटाए जाएंगे। बढ़ती कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की नाराज़गी हाल के स्थानीय चुनावों में भी दिखाई दी, जिसने प्रशासन पर निर्णय बदलने का दबाव बनाया।
महंगाई ने बढ़ाया अमेरिकी परिवारों पर बोझ
टैरिफ की वजह से बीते महीनों में खाद्य पदार्थों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। खासकर बीफ, कॉफी और फलों जैसे रोज़मर्रा के उत्पाद महंगे होने से आम अमेरिकियों का घरेलू बजट बिगड़ गया। कीमतों में तेजी से उछाल के चलते जनता और विपक्ष दोनों ट्रंप प्रशासन की आलोचना कर रहे थे।
टैरिफ हटाने पर ट्रंप ने किए हस्ताक्षर
राष्ट्रपति ने इस फैसले के साथ यह भी बताया कि अमेरिका ने इक्वाडोर, ग्वाटेमाला, अल सल्वाडोर और अर्जेंटीना के साथ कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने को लेकर नए व्यापार ढांचे तैयार किए हैं। ट्रंप ने सप्ताह की शुरुआत में ही संकेत दे दिया था कि कॉफी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए शुल्क में राहत दी जाएगी।
लंबे समय से चले आ रहे दावों के विपरीत कदम
ट्रंप प्रशासन लगातार यह दावा करता रहा है कि टैरिफ से उपभोक्ता कीमतों पर खास असर नहीं पड़ता। हालांकि वास्तविकता यह है कि जिन उत्पादों पर शुल्क लगाया गया था, उनमें से कई अमेरिका में बड़े पैमाने पर उत्पादित ही नहीं होते।
बीफ की रिकॉर्ड ऊँची कीमतें प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता बन चुकी थीं। ब्राजील जैसे प्रमुख बीफ निर्यातकों पर लगाई गई टैरिफ भी कीमतों में बढ़ोतरी की एक मुख्य वजह रही—जिससे सरकार को इन शुल्कों को हटाने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाने पड़े।
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