ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद UNSC की आपात बैठक, रूस-चीन और पाकिस्तान ने उठाई आवाज़

6

UNSC की आपात बैठक में अमेरिका-ईरान टकराव पर तीखी बहस, रूस-चीन-पाकिस्तान ने युद्धविराम का प्रस्ताव रखा

ईरान की परमाणु साइट्स पर अमेरिका के हालिया हवाई हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सोमवार को एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला, जहां अमेरिका के कदम पर तीखी आलोचना और बचाव दोनों सामने आए। रूस, चीन और पाकिस्तान ने परिषद में एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया, जिसमें पश्चिम एशिया में तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम की मांग की गई।

गुटेरेस ने चेताया – “परिस्थिति बेहद खतरनाक मोड़ पर”
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बैठक की शुरुआत में चेतावनी दी, “अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया गया हमला एक खतरनाक मोड़ है। लड़ाई को रोकने और परमाणु मुद्दे पर गंभीर बातचीत की वापसी के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।”

अमेरिका का दावा – “परमाणु ठिकाने पूरी तरह तबाह”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को सही ठहराते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों को “पूरी तरह से तबाह” कर दिया है। उन्होंने इसे 1979 की ईरानी क्रांति के बाद ईरान पर सबसे बड़ा पश्चिमी सैन्य हमला बताया। इस हमले के बाद वैश्विक बिरादरी अब ईरान की संभावित प्रतिक्रिया पर नजर रखे हुए है।

रूस-चीन का विरोध, अमेरिका का बचाव
रूस के यूएन राजदूत वासिली नेबेंजिया ने इस हमले की तुलना 2003 के इराक युद्ध से की और कहा, “फिर से हमें काल्पनिक बहानों पर भरोसा करने को कहा जा रहा है, जिसका नतीजा फिर पश्चिम एशिया की अस्थिरता होगा।”

चीन के राजदूत फु कोंग ने कहा, “शांति हथियारों से नहीं, संवाद से आती है। कूटनीति का रास्ता अब भी खुला है।”

वहीं, अमेरिका की कार्यवाहक यूएन राजदूत डोरोथी शिया ने ईरान को आक्रामकता के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि “अब निर्णायक कार्रवाई का वक्त है।”

ईरान ने बताया “अवैध आक्रमण”, UNSC से की निंदा की अपील
ईरान ने UNSC से अनुरोध किया कि वह अमेरिका के “खुले और अवैध आक्रमण” की कड़ी निंदा करे। हालांकि, प्रस्ताव पर मतदान की तारीख अभी तय नहीं है। प्रस्ताव पास होने के लिए कम से कम नौ सदस्यों का समर्थन और किसी भी स्थायी सदस्य का वीटो नहीं होना चाहिए।

IAEA ने पुष्टि की – परमाणु ठिकानों को गंभीर नुकसान
IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने बताया कि ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतांज स्थलों पर हमलों से संरचनात्मक क्षति हुई है। फोर्डो में संवर्धन स्थल पर बमबारी के कारण सतह पर गड्ढे देखे गए हैं, जबकि ज़मीन के नीचे नुकसान का आकलन जारी है। हालांकि, अभी तक किसी बाहरी रेडिएशन में वृद्धि नहीं पाई गई है।

इज़राइल का समर्थन
संयुक्त राष्ट्र में इज़राइल के राजदूत डैनी डैनन ने अमेरिका की कार्रवाई को उचित बताते हुए कहा कि “अमेरिका और इज़राइल को आलोचना नहीं, बल्कि प्रशंसा मिलनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने दुनिया को सुरक्षित रखने की दिशा में कदम उठाया है।”

Comments are closed.