राजधानी दिल्ली में मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को चौंका दिया। तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश के साथ महज एक घंटे में तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे दिन की गर्मी के बाद शाम में ठंडक लौट आई।
‘दुर्लभ’ पश्चिमी विक्षोभ बना वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ सामान्य से अलग और ज्यादा प्रभावशाली है। इसकी ट्रफ (कम दबाव की रेखा) लंबी दूरी तक फैली हुई है, जिसके कारण मौसम में अचानक और तेज बदलाव देखने को मिला।
इसी सिस्टम की वजह से दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और बारिश की स्थिति बनी।
गर्मी से ठंडक तक, कुछ ही घंटों में बदलाव
दोपहर तक जहां लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान थे, वहीं शाम होते-होते मौसम पूरी तरह बदल गया। कई इलाकों में तेज हवाओं से पेड़ झुक गए और यातायात भी प्रभावित हुआ।
जलवायु असंतुलन के संकेत?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के अचानक और तीव्र मौसम बदलाव जलवायु असंतुलन की ओर इशारा करते हैं। आने वाले दिनों में भी ऐसे उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
सिस्टम कहां सक्रिय है
मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर के ऊपर सक्रिय है, जिसके कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है।
साथ ही हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में बारिश दर्ज की जा रही है। हालांकि यह सिस्टम अब धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ रहा है।
समय से पहले शुरू हुई प्री-मानसून गतिविधि
आमतौर पर प्री-मानसून गतिविधियां मार्च के अंत में शुरू होती हैं, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही असामान्य गर्मी के कारण ये जल्दी सक्रिय हो गईं। यही वजह है कि मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है।
बारिश के आंकड़े और अलर्ट
दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र पर 19 मार्च तक 9.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य मासिक औसत 12.6 मिमी के करीब है। इससे पहले 2023 में मार्च में ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।
मौजूदा हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
कुल मिलाकर, यह बदलाव दिखाता है कि मौसम अब ज्यादा अनिश्चित और तेज़ी से बदलने वाला हो गया है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
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