पुरी में रथ यात्रा के दौरान भगदड़, श्रीगुंडिचा मंदिर के पास कई श्रद्धालु घायल

7

पुरी रथ यात्रा में भगदड़, श्रीगुंडिचा मंदिर के सामने कई श्रद्धालु घायल

ओडिशा के पुरी में श्रीगुंडिचा मंदिर के बाहर रविवार तड़के रथ यात्रा के दौरान भगदड़ मच गई। यह घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच तब हुई जब भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को स्पर्श करने के लिए उमड़ पड़े। अचानक हुए इस अफरा-तफरी में कई श्रद्धालु घायल हो गए।

घटना के समय मौके पर एंबुलेंस मौजूद नहीं थी, जिससे घायलों को लोगों ने खुद ही अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, कुछ ही समय बाद स्थिति सामान्य हो गई और व्यवस्था फिर से बहाल कर दी गई।

भीड़ और गर्मी बनी चुनौती
शनिवार को भी भारी भीड़ और उमस के चलते रथ यात्रा में शामिल 600 से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता दी गई। कई लोग धक्का-मुक्की और गर्मी की वजह से बेहोश हो गए थे। प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों का इलाज पुरी के विभिन्न अस्पतालों में किया गया।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
पुरी रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी — जिनमें ओडिशा पुलिस, सीएपीएफ और एनएसजी शामिल हैं — तैनात किए गए हैं। भीड़ की निगरानी के लिए 275 से अधिक एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस महानिदेशक सुनील खुरानिया ने बताया कि रथ यात्रा के सुचारु संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था चौकस है।

गुंडिचा मंदिर पहुंचे रथ
शनिवार रात भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथ श्रीगुंडिचा मंदिर पहुंच चुके हैं। गुंडिचा मंदिर को ‘मौसी माँ का घर’ माना जाता है, जहां देवता नौ दिन तक विश्राम करते हैं। इसके बाद वे 5 जुलाई को ‘बहुदा यात्रा’ के अंतर्गत मुख्य मंदिर लौटेंगे।

इससे पहले शुक्रवार को भगवान बलभद्र का ‘तालध्वज’ रथ ग्रैंड रोड के एक मोड़ पर फंस गया था, जिससे अन्य दो रथ — सुभद्रा का ‘दर्पदलन’ और जगन्नाथ का ‘नंदीघोष’ — भी रुक गए थे। परंपरा के अनुसार, रथ खींचने की क्रमबद्धता का पालन आवश्यक होता है।

Comments are closed.