SCO शिखर सम्मेलन से पहले पुतिन का अमेरिका पर वार, बोले– ‘भेदभावपूर्ण प्रतिबंध मंजूर नहीं’, BRICS को लेकर दिया बड़ा बयान

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चीन के तियानजिन में आज से शुरू हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई दिग्गज नेता हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय इस बैठक को लेकर वैश्विक स्तर पर काफी उत्सुकता है।

पुतिन का अमेरिका और पश्चिमी देशों पर निशाना
सम्मेलन से पहले पुतिन ने अमेरिकी और पश्चिमी प्रतिबंधों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण प्रतिबंध स्वीकार्य नहीं हैं, क्योंकि ये देशों के आर्थिक विकास में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का हल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

BRICS की मजबूती पर जोर
पुतिन ने ब्रिक्स को वैश्विक संरचना का अहम स्तंभ बताते हुए कहा कि रूस चीन के साथ मिलकर इसकी भूमिका और विस्तार को मजबूत करने में जुटा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करने और रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है।

IMF और विश्व बैंक में सुधार की मांग
पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक में सुधार की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय प्रणाली में बदलाव की ज़रूरत है ताकि यह खुलेपन, समानता और वास्तविक आर्थिक स्थिति को दर्शा सके। पुतिन के अनुसार, सभी देशों को वैश्विक संसाधनों तक भेदभाव रहित और समान पहुंच मिलनी चाहिए।

मोदी-पुतिन मुलाकात की उम्मीद
तियानजिन में हो रहे इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में व्यापार, ऊर्जा और यूक्रेन संकट जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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