हिमाचल में बारिश-भूस्खलन का कहर: 360 की मौत, हजारों करोड़ का नुकसान।
हिमाचल प्रदेश में मानसूनी तबाही जारी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, 20 जून से अब तक बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 360 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 197 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, बादल फटना, डूबना और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से हुईं, जबकि 163 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए।
भारी नुकसान और प्रभावित सेवाएं
राज्यभर में 1,087 सड़कें बंद हैं, 2,838 बिजली आपूर्ति लाइनें और 509 पेयजल योजनाएं ठप हैं। अब तक 426 लोग घायल हुए हैं, 47 लापता हैं और 1,440 पशुओं की मौत हो चुकी है। कुल आर्थिक नुकसान का अनुमान 3,979 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
सबसे ज्यादा मौतें मंडी में
मंडी जिले में सबसे अधिक 36 मौतें दर्ज हुई हैं। इसके बाद कांगड़ा में 31, चंबा और शिमला में 21-21 और कुल्लू में 20 मौतें हुईं। एसडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, भूस्खलन से 37, अचानक बाढ़ से 9 और बादल फटने से 17 लोगों की जान गई।
बचाव कार्य जारी
अवरुद्ध सड़कों, क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं और बिजली लाइनों को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। कृषि, बागवानी और पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
श्रद्धालुओं का एयरलिफ्ट
भारतीय वायुसेना ने मणिमहेश यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं को चिनूक हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है। पहली उड़ान में 50 यात्री भरमौर से चंबा पहुंचाए गए। राज्य मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को शुक्रवार तक सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचा दिया जाएगा।
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