ट्रंप के आदेश से एच-1बी वीजा धारकों में हड़कंप, भारत ने जताई चिंता।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी कार्य वीजा पर 1,00,000 डॉलर का भारी शुल्क लगाने के आदेश के बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय में अफरा-तफरी मच गई है। शुक्रवार को घोषणा पर हस्ताक्षर के कुछ ही घंटों के भीतर कई लोगों ने भारत यात्रा और शादी जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं रद्द कर दीं। हवाई अड्डों पर बोर्डिंग के लिए लाइन में खड़े कई यात्री भी आखिरी समय में लौट गए।
21 सितंबर से लागू होने वाले इस आदेश ने दिवाली और साल के अंत में होने वाली छुट्टियों की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। कई भारतीय परिवार अब अमेरिका लौटने या बाहर जाने को लेकर असमंजस में हैं। टेक कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों को फिलहाल अमेरिका से बाहर न जाने की सलाह दी है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि शुल्क वृद्धि से परिवारों को गंभीर मानवीय मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत स्थिति का आकलन कर रहा है और उम्मीद है कि अमेरिकी अधिकारी समाधान निकालेंगे।
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने भी इस कदम को अल्पावधि में “विनाशकारी” बताया है। उनका अनुमान है कि इससे लगभग 5 लाख भारतीय पेशेवर और करीब 1000 आईटी कंपनियां प्रभावित होंगी।
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