इंडिगो एयरलाइंस की लगातार उड़ान रद्द और खराब सेवा को लेकर देशभर के यात्रियों में भारी नाराजगी है।
बीते चार दिनों में एयरलाइन ने सैकड़ों उड़ानें रद्द की हैं, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। इसका असर किराया दरों पर भी पड़ा है, जो कई रूटों पर बेतहाशा बढ़ गए हैं।
लोकल सर्कल्स के सर्वेक्षण में शामिल 32,547 यात्रियों में से 87% ने कहा कि इंडिगो के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के ‘क्लास एक्शन’ प्रावधान के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। केवल 3% ने इसे जरूरी नहीं माना, जबकि 10% अनिश्चित रहे। सर्वे देशभर के 303 जिलों में किया गया।
सर्वे में रद्द उड़ानों और देरी के साथ-साथ रिफंड न मिलने की शिकायतें सबसे अधिक थीं। यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन ने “100% रिफंड” का वादा किया था, लेकिन अधिकांश मामलों में पूरा भुगतान नहीं किया गया।
क्लास एक्शन क्या है:
क्लास एक्शन वह कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें समान शिकायत वाले लोगों का समूह किसी कंपनी के खिलाफ सामूहिक रूप से मुकदमा दायर कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मॉडल के उदाहरण मिलते हैं, जैसे 2023 में डेल्टा एयरलाइंस और 2022 में साउथवेस्ट एयरलाइंस पर मुकदमे।
यात्री संगठनों का कहना है कि भारत में भी अब इस मॉडल को लागू करने का समय आ गया है ताकि एयरलाइंस उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन न कर सकें।
सर्वे के आंकड़े:
28,315 विमान यात्री चाहते हैं इंडिगो पर क्लास एक्शन
3,254 लोग अनिश्चित
976 यात्री मानते हैं कि क्लास एक्शन की जरूरत नहीं
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