पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए “सार्थक और निर्णायक वार्ता” की मेजबानी को तैयार है।
यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें पश्चिम एशिया में शांति के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के परोक्ष प्रयासों का जिक्र किया गया है।
‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका और ईरान सहमत होते हैं, तो पाकिस्तान इस वार्ता की मेजबानी को सम्मान मानेगा।
कुछ ही घंटों बाद डोनाल्ड ट्रंप ने शरीफ के इस बयान को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किया, जिससे इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ध्यान मिला।
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने संभावित वार्ता स्थल को लेकर चल रही अटकलों पर संयम बरतने और आधिकारिक घोषणा का इंतजार करने की बात कही थी। हालांकि, कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस्लामाबाद को बातचीत के संभावित केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
ब्रिटिश अखबार ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ के अनुसार, पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हाल ही में ट्रंप से बातचीत कर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की। वहीं CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को अपनी शर्तों की एक सूची भेजी है और इस प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका अहम बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मलिक अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के संपर्क में हैं, जिससे बैक-चैनल बातचीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
Comments are closed.