आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का कहर: यूपी में 20, बिहार में 14 समेत कई राज्यों में दर्जनों की मौत
कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद गुरुवार को मौसम अचानक बदला और पश्चिमी विक्षोभ के असर से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं और खराब मौसम के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हुई, पेड़ और खंभे गिर गए, जबकि रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित रहीं।
सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिला, जहां वर्षा जनित हादसों में 20 लोगों की मौत हो गई। बिहार में 14, उत्तराखंड में दो और झारखंड में दो लोगों की मौत की सूचना है। कई जगहों पर घरों के क्षतिग्रस्त होने और पेड़ों के गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। वाराणसी मंडल के चौरीचौरा और गौरी बाजार के बीच रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से संचालन बाधित हुआ, जबकि उरई-भुआ खंड में ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन का खंभा टूटने से झांसी-लखनऊ रेलमार्ग पर ट्रेनें रोकनी पड़ीं।
वाराणसी में 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली, जबकि प्रयागराज में 55 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड टूट गया। मात्र चार घंटे में 61 मिमी वर्षा दर्ज की गई। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे के भीतर राहत राशि वितरण के निर्देश दिए हैं।
बिहार में भी आंधी-पानी और वज्रपात ने भारी नुकसान पहुंचाया। पटना और गया में तेज हवाएं चलीं, जबकि मोतिहारी में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। नेपाल में हुई बारिश के कारण पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे कई इलाके प्रभावित हुए हैं।
मौसम के कारण रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा। कोडरमा रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन घंटों बाधित रहा, जबकि पटना एयरपोर्ट से कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा और दर्जनों फ्लाइट्स देर से चलीं।
उत्तराखंड में चोपता-तुंगनाथ क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
दक्षिण बंगाल में तेज आंधी और बारिश के कारण सात लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। 70–88 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
उत्तराखंड में बारिश ने राहत भी दी, जहां लंबे समय से लगी जंगलों की आग बुझ गई। कुल मिलाकर, अचानक बदले मौसम ने उत्तर भारत के बड़े हिस्से में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
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