यूक्रेन का रूस पर बड़ा ड्रोन अटैक, 1300 किमी अंदर घुसकर तेल रिफाइनरी पर हमला

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रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, 1300 किमी दूर तेल पंपिंग स्टेशन भी बना निशाना

यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं। शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात किए गए इन हमलों में एक तेल रिफाइनरी, तेल पाइपलाइन, ऑयल पंपिंग स्टेशन और ईंधन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया गया। हमलों के बाद कई स्थानों पर आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है।

यूक्रेनी सेना के अनुसार, ड्रोन हमलों का प्रमुख लक्ष्य वोल्गा नदी के किनारे स्थित सारातोव ऑयल रिफाइनरी थी। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर के बड़े हिस्से में आग भड़क उठी और वहां संचालन प्रभावित होने की खबर है। इसके अलावा किरोव क्षेत्र में स्थित लाजारेवो ऑयल पंपिंग स्टेशन पर भी ड्रोन हमले के बाद भारी नुकसान और आग लगने की सूचना मिली है।

खास बात यह है कि लाजारेवो पंपिंग स्टेशन यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,300 किलोमीटर दूर स्थित है, जिससे यह हमला यूक्रेन की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता को दर्शाता है। वहीं रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में हुए एक अन्य ड्रोन हमले में तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

रूस के भीतर गहराई तक पहुंच रहे हैं यूक्रेनी हमले

यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने कहा कि हाल के हमले रूस के भीतर सैकड़ों किलोमीटर तक पहुंचकर किए गए हैं। उनका दावा है कि यूक्रेन अब रूसी सैन्य और ऊर्जा ढांचे को दूरदराज के इलाकों में भी निशाना बनाने में सक्षम है।

जेलेंस्की ने बताया कि हाल ही में यूक्रेन को जर्मनी से अत्याधुनिक मिसाइल लॉन्चर प्राप्त हुए हैं, जिससे उसकी सैन्य क्षमता मजबूत हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि देश अभी भी एयर डिफेंस मिसाइलों की कमी से जूझ रहा है, जिसका फायदा उठाकर रूस लगातार हवाई हमले कर रहा है।

सहयोगी देशों से फिर मांगी सैन्य मदद

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने पश्चिमी सहयोगी देशों से अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर और इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध कराने की अपील दोहराई है। उनका कहना है कि रूस के बढ़ते हवाई हमलों का प्रभावी जवाब देने और महत्वपूर्ण शहरों व बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए उन्नत रक्षा प्रणालियों की तत्काल आवश्यकता है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ऊर्जा प्रतिष्ठान दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक लक्ष्य बने हुए हैं। हाल के महीनों में यूक्रेन ने ड्रोन हमलों के जरिए रूस की तेल उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को नुकसान पहुंचाने की रणनीति तेज कर दी है, जबकि रूस भी यूक्रेन के ऊर्जा और सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है।

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