पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, लाल सागर में जहाज पर हमला; बाब अल-मंदेब पर खतरा गहराया

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पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, लाल सागर में मालवाही जहाज पर हमला; बाब अल-मंदेब रूट को लेकर बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच रविवार को यमन के पास लाल सागर में एक मालवाही जहाज पर हमला हुआ। क्षेत्र में हालिया संघर्ष तेज होने के बाद किसी व्यावसायिक जहाज पर यह पहला बड़ा हमला माना जा रहा है। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। घटना की पुष्टि यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने की है।

यह हमला यमन के तटीय शहर होदेदा के निकट हुआ, जो ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र में स्थित है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले के पीछे हूती संगठन का हाथ है या कोई अन्य समूह। अब तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, जबकि कुछ रिपोर्टों में सोमालियाई समुद्री लुटेरों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब ईरान पर हालिया हमलों के बाद हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। वहीं, ईरान भी पहले कह चुका है कि यदि अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष और बढ़ता है तो वह बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित करने जैसे कदम उठा सकता है।

बाब अल-मंदेब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच होने वाले वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।

इससे पहले पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में भी जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजारों पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि अब वहां सीमित स्तर पर परिचालन फिर शुरू हो चुका है, लेकिन लाल सागर में ताजा हमले ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

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