राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यूरोप के तीन देशों—मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया—की अपनी महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा पूरी कर स्वदेश के लिए प्रस्थान किया।
इस दौरे के दौरान व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर जोर दिया गया। राष्ट्रपति मुर्मु ने 20 जुलाई को मोल्दोवा की यात्रा से अपने दौरे की शुरुआत की। किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली मोल्दोवा यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया संदू के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग, आर्थिक संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।
इसके बाद राष्ट्रपति 21 और 22 जुलाई को नॉर्थ मैसेडोनिया पहुंचीं। इस देश की यात्रा करने वाली वह पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं। दोनों पक्षों ने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, फिल्म निर्माण और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
दौरे के अंतिम चरण में राष्ट्रपति मुर्मु 23 जुलाई को रोमानिया पहुंचीं। तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली रोमानिया यात्रा थी। यहां उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता कर आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
रोमानिया में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोग भारत के वास्तविक सांस्कृतिक दूत हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय अपनी मेहनत, उपलब्धियों और मूल्यों के जरिए दुनिया भर में भारत की सकारात्मक छवि को मजबूत कर रहे हैं तथा विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रपति की इस यात्रा को भारत और यूरोप के उभरते साझेदार देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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